कानपुर : 12 करोड़ का सिग्नेचर सिटी बस अड्डान कोई बस, न कोई यात्री

कानपुर : 12 करोड़ का सिग्नेचर सिटी बस अड्डान कोई बस, न कोई यात्री
कानपुर : 12 करोड़ का सिग्नेचर सिटी बस अड्डान कोई बस, न कोई यात्री

कानपुर, अमृत विचार : उत्तर प्रदेश सरकार ने विकास नगर में शहीद मेजर सलमान खान अंतर्राज्यीय झकरकटी बस अड्डे पर बसों और यात्रियों का लोड कम करने के उद्देश्य से विकास नगर में 12 करोड़ की लागत से सिग्नेचर सिटी बस अड्डे का निर्माण कराया ताकि पूर्वांचल क्षेत्रों की बसों का इसी बस अड्डे से संचालन किया जाए, लेकिन ये बस अड्डा सफेद हाथी साबित हो गया। इस बस अड्डे पर न तो कोई बस है और न ही कोई यात्री आता है।

दैनिक अमृत विचार की टीम ने सिग्नेचर सिटी बस अड्डे की हकीकत जाना तो वहां कुछ नहीं मिला। न तो कोई बस मौजूद थी और न ही कोई यात्री, परिवहन कर्मी टिन शेड के नीचे बैठ बच्चों के साथ खेल रहे थे। पूछताछ काउंटर पर रखे रजिस्टर पर कुछ बसों की इंट्री थी, लेकिन ये बसें कब आईं, कब गयीं, कितने यात्री थे, कोई जानकारी किसी को नहीं थी।

बताते चलें कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने दिल्ली में आनंद विहार की तर्ज पर सिग्नेचर सिटी बस अड्डे का संचालन किया जाएगा. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। उसके पीछे का कारण ये था कि शहीद मेजर सलमान खान अंतर्राज्यीय झकरकटी बस अड्डे पर प्रतिदिन उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड समेत कई प्रांतों की लगभग 1400 बसें रोजाना संचालित होती हैं और इन बसों से 35 से 40 हजार यात्री प्रतिदिन आते जाते हैं। इतनी बसों के आवागमन से रामादेवी, नौबस्ता, टाटमिल, बर्रा बाईपास, यशोदा नगर बाईपास, जरीब चौकी समेत कई व्यस्तम चौराहों पर भीषण जाम लगता है।

शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए विकास नगर में सिग्नेचर सिटी बस अड्डे का निर्माण कराया गया ताकि लखनऊ, गोरखपुर, बाराबंकी, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, बस्ती, देवरिया, बिल्थरा रोड, मऊ, आजमगढ़, अयोध्या, शाहजहांपुर, बरेली आदि जिलों की बसों को यहीं से संचालित किया जाए। परिवहन अधिकारियों का अनुमान था कि सिग्नेचर सिटी बस अड्डा संचालित होते ही झकरकटी बस अड्डे पर बसों की संख्या 400 से 600 तक कम हो जाएगी लेकिन सिग्नेचर सिटी बस अड्डे पर संचालन की कोई ठोस योजना नहीं बनायी गयी।

अधिकारी गंभीर होते तो सिग्नेचर सिटी बस अड्डा वरदान साबित होता
परिवहन अधिकारियों ने कोई ठोस योजना नहीं बनाई जिससे बस अड्डे का बुरा हाल है, यदि लखनऊ या पूर्वांचल की बसों का संचालन यहां से होता तो गंगा बैराज होकर ये बसें संचालित होती और यात्रियों का लगभग एक से डेढ़ घंटे का समय भी बचता, क्योंकि अभी झकरकटी बस अड्डा से बस पकड़ने पर टाटमिल, रामादेवी, जाजमऊ तक जाम से बसों को जूझना पड़ता है और अचलगंज बाईपास तक पहुंचने में बसों को लगभग डेढ़ घंटे का समय लगता है।

इंट्री प्वाइंट के तौर पर बस अड्डा इस्तेमाल होगा 
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम कानपुर परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक महेश कुमार का कहना है कि आजाद नगर और विकास नगर डिपो की जो बसें डिपो से रुट पर निकलती हैं, उनकी इंट्री सिग्नेचर सिटी बस अड्डे पर की जाती है।

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