कौनसा हेलमेट ज्यादा सुरक्षित… BIS गाजियाबाद के ‘मानक मंथन’ में विशेषज्ञों ने बताया

कौनसा हेलमेट ज्यादा सुरक्षित… BIS गाजियाबाद के ‘मानक मंथन’ में विशेषज्ञों ने बताया

भारतीय मानक ब्यूरो , गाजियाबाद शाखा कार्यालय और केंद्रीय प्रयोगशाला द्वारा मानक मंथन कार्यक्रम का आयोजन IS 4151:2015 Protective Helmets for Two Wheeler RidersSpecification विषय पर किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य दोपहिया वाहन चालकों के लिए BIS प्रमाणित हेलमेट के उपयोग को बढ़ावा देना, सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा हेलमेट निर्माण एवं गुणवत्ता से संबंधित भारतीय मानकों पर विशेषज्ञों के साथ सार्थक संवाद स्थापित करना था.

कौनसा हेलमेट ज्यादा सुरक्षित… BIS गाजियाबाद के ‘मानक मंथन’ में विशेषज्ञों ने बताया

कार्यक्रम का शुभारंभ पंजीकरण एवं मानक गीत के साथ हुआ. इसके उपरांत जी. भवानी, वैज्ञानिकएफ एवं वरिष्ठ निदेशक एवं प्रमुख, शाखा कार्यालय ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्य पर प्रकाश डाला.

BIS प्रमाणित हेलमेट का उपयोग जरूरी

मुख्य अतिथि डॉ. नितिन आर. गोकरण, चेयरमैन, नेशनल रोड सेफ्टी बोर्ड , भारत सरकार ने अपने संबोधन में कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु एवं गंभीर चोटों को कम करने के लिए गुणवत्तापूर्ण एवं BIS प्रमाणित हेलमेट का उपयोग अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने सभी नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने तथा सदैव ISI मार्क युक्त हेलमेट पहनने की अपील की.

मुख्य वक्ता के रूप में स्नेहलता, वैज्ञानिकजी एवं उप महानिदेशक, BIS केंद्रीय क्षेत्र ने भारतीय मानकों की आवश्यकता, गुणवत्ता संस्कृति तथा उपभोक्ता सुरक्षा में BIS की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि मानकों का पालन केवल उत्पाद की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है.

विशिष्ट अतिथि शैलेंद्र, ट्रैफिक इंस्पेक्टर, हेड ऑफिस, नोएडा ने सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों के पालन तथा मानक हेलमेट के अनिवार्य उपयोग के महत्व पर अपने विचार साझा किए.

हेलमेट की विशेषताओं पर विस्तृत

कार्यक्रम के दौरान स्टैंडर्ड क्लब गतिविधियों के विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया. इसके पश्चात प्रशांत यादव, वैज्ञानिकसी एवं उप निदेशक, BIS गाज़ियाबाद तथा मुकुंद माधव मिश्रा, वैज्ञानिकसी, केंद्रीय प्रयोगशाला, BIS ने IS 4151:2015 के तकनीकी प्रावधानों, परीक्षण प्रक्रियाओं एवं प्रमाणित हेलमेट की विशेषताओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी.

इसके बाद आयोजित पैनल चर्चा में रजनी गांधी , राघवेंद्र कुमार , शैलेंद्र , राजीव कपूर , डॉ. वीरेन्द्र सिंह राठौड़ तथा डॉ. प्रो. पियूष रंजन ऑनलाइन माध्यम से पैनल चर्चा में शामिल हुए.

हेलमेट के उपयोग, जनजागरूकता

सभी विशेषज्ञों ने सड़क सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण हेलमेट के उपयोग, जनजागरूकता तथा भारतीय मानकों के प्रभावी क्रियान्वयन पर अपने विचार एवं अनुभव साझा किए.

पैनल चर्चा के पश्चात आयोजित ओपन हाउस सत्र में प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से विभिन्न प्रश्न पूछे तथा हेलमेट की गुणवत्ता, परीक्षण प्रक्रिया एवं सड़क सुरक्षा से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की.अंत में राजेंद्र कुमार पलासिया, वैज्ञानिकसी एवं उप निदेशक, BIS गाज़ियाबाद ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, पैनलिस्टों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया.

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