
दरियाई घोड़ा या जलीय घोड़ा (Hippopotamus) एक विशाल और गोलमटोल स्तनपायी प्राणी है जो अफ्रीका का मूल निवासी है। दरियाई घोड़े नाम के साथ घोड़ा शब्द जुड़ा है एवं “हिप्पोपोटामस” शब्द का अर्थ “वाटर होर्स” यानी “जल का घोड़ा” होता है परन्तु उसका घोड़ों से कोई संबंध नहीं है। प्राणिविज्ञान की दृष्टि में यह सूअरों का दूर का रिश्तेदार है। यह शाकाहारी प्राणी नदियों एवं झीलों के किनारे तथा उनके मीठे जल में समूहों में रहना पसन्द करता है।
“दरियाई घोड़े” के दूध का रंग गुलाबी होता है। इसके दूध में दो प्रकार के एसिड पाए जाते हैं जिसे हिप्पोसुडोरिक एसिड और नार हिप्पोसुडोरिक एसिड के नाम से जाना जाता है। इन एसिड की वजह से ही दूध का रंग गुलाबी होता है। यह हिप्पो के शरीर पर जीवाणुओं को पनपने से रोकता है और उनकी त्वचा को भी स्वस्थ रखता है। ये हिप्पो की त्वचा को पराबैगनी किरणों से भी बचाते हैं।
जब दरियाई घोड़ा घबराता है तो इसके शरीर से लाल रंग का पसीना बाहर आता है। इसका कारण भी ये दो प्रकार के एसिड ही हैं। यह शिकारी को डराने और उसे दूर भगाने में हिप्पोपोटेमस की सहायता करता है।