उत्तर प्रदेश के रायबरेली में इंस्पेक्टर शिवशंकर सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. इस वीडियो में वह सपा नेताओं को ना केवल औकात में रहने को कह रहे हैं, बल्कि उन्हें चूड़ी पहनकर घर में बैठ जाने की भी सलाह देते नजर आ रहे हैं. वीडियो वायरल होने पर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इसे पीडीए पर सरकारी प्रहार बताते हुए बीजेपी पर हमला बोला है.

यह वीडियो रायबरेली के फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में समाजवादी छात्र सभा के सदस्यता अभियान के दौरान का है. बताया जा रहा है कि इस अभियान के दौरान सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की एबीवीपी कार्यकर्ताओं के साथ झड़प हो गई थी. सूचना मिलने पर शहर कोतवाल शिव शंकर सिंह पहुंचे तो उनके साथ भी सपा नेताओं की तीखी बहस हुई. इसी दौरान कोतवाल ने सपा नेताओं को औकात में रहकर बात करने और चूड़ी पहन कर घर में बैठ जाने की नसीहत दे डाली.
राजनीतिक रंग ले चुका है मामला
कॉलेज कैंपस में हुई इस झड़प का मुद्दा राजनीतिक रंग ले चुका है. बताया जा रहा है कि सूचना मिलने पर पहुंचे समाजवादी पार्टी के दो विधायकों के साथ भी पुलिस की झड़प हुई और अब इसी मामले में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने रायबरेली पहुंचने का ऐलान कर दिया है. अखिलेश यादव ने इस घटनाक्रम को ‘पीडीए’ पर सरकारी प्रहार बताते पलटवार किया. उन्होंने पुलिस पर ‘जातीय पक्षपात’ और ‘वर्दी की हनक’ दिखाने का आरोप लगाया है.
कौन हैं कोतवाल शिव शंकर सिंह?
राजनीतिक रूप ले चुके इस विवाद में एक सवाल उठ रहा है कि आखिर वो इंस्पेक्टर शिवशंकर सिंह कौन हैं, जिनके बयान पर बवाल मच गया है. आइए उनकी प्रोफाइल जानने की कोशिश करते हैं. करीब ढाई दशक से पुलिस सेवा में कार्यरत शहर कोतवाल शिव शंकर सिंह मूल रूप से चंदौली के रहने वाले हैं. उनके पिता रेलवे में थे और उनकी ज्यादातर तैनाती मध्य प्रदेश में रही. इसलिए उनके साथ रहते हुए शिवशंकर सिंह की पढ़ाई शहडोल एमपी से हुई. वहीं से इन्होंने ग्रेजुएशन किया, फिर कानून की डिग्री हासिल की. साल 2001 में उनका चयन उत्तर प्रदेश पुलिस में सबइंस्पेक्टर के पद पर हुआ और एक प्रमोशन के बाद वह इंस्पेक्टर बने हैं.