कौन है लाल गमछे वाला नंदन यादव? जमुई कांड में नाबालिग लड़की से की थी गंदी हरकत, रोंगटे खड़े कर देगी क्राइम कुंडली​

कौन है लाल गमछे वाला नंदन यादव? जमुई कांड में नाबालिग लड़की से की थी गंदी हरकत, रोंगटे खड़े कर देगी क्राइम कुंडली​

Jamui Molestation Case: बिहार के जमुई शहर के समीप मड़वा पहाड़ी इलाके में सहपाठी संग घूमकर लौट रही नाबालिग छात्रा के साथ हुई सरेराह दरिंदगी और अश्लील हरकत के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. घटना के मुख्य आरोपी नंदन यादव और उसके साथी हरेराम यादव को पुलिस ने मंगलवार को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी नंदन यादव के पैर में गोली लगी है, जबकि उसका साथी हरेराम का पैर फ्रैक्चर हो गया है. दोनों का इलाज जमुई के सदर अस्पताल में भारी पुलिस सुरक्षा के बीच चल रहा है. आखिर कौन है ये नंदन यादव जिसकी हरकत पर पूरे देश का गुस्सा फूट पड़ा है? चलिए जानते हैं उसकी क्राइम कुंडली…

जमुई के आरक्षी अधीक्षक विश्वजीत दयाल के अनुसार, नंदन यादव का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है और वह इलाके का कुख्यात अपराधी है. पुलिस जांच और स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, जमुई कांड का मुख्य सूत्रधार नंदन यादव टाउन थाना क्षेत्र के प्रतापपुर गांव का निवासी है. नंदन यादव का मुख्य पेशा कुंदर जाने वाले रास्ते से अवैध देसी/विदेशी शराब की तस्करी करना और प्रतापपुर बालू घाट से अवैध खनन कर बालू बेचना रहा है. शराब और बालू के अवैध धंधे से हुई अकूत कमाई के दम पर उसने इलाके में मनबढ़ू और दबंग छवि बना रखी थी. वह अक्सर ग्रामीणों के साथ मारपीट और रंगदारी करता था.

घटना के दिन शराब के नशे में धुत

19 सितंबर की शाम जब नंदन यादव ने अपने साथियों के साथ मिलकर छात्रा को घेरा, तब भी वो शराब के अत्यधिक नशे में धुत था. वायरल वीडियो में वो अपने मुंह पर लाल रंग का गमछा लपेटे दिखा, जो झुंड की अगुवाई कर रहा था और उसने ही छात्रा के साथ सबसे गंदे तरीके से बदसलूकी की थी.

IAS अधिकारी के काफिले पर भी चला चुका है गोलियां

मड़वा पहाड़ और प्रतापपुर का इलाका पहले से ही बालू माफियाओं और अपराधियों की शरणगाह रहा है. नंदन यादव और उसके गिरोह का खौफ इस कदर था कि मई 2021 में इसी इलाके में अवैध बालू खनन रोकने पहुंची तत्कालीन SDM प्रतिभा रानी के काफिले पर नंदन और उसके गुर्गों ने हमला कर दिया था.

उस समय अपराधियों ने प्रशासनिक टीम पर दनादन गोलियां भी चलाई थीं. इसके बावजूद पुलिस की ढिलाई के कारण नंदन का नेटवर्क फलताफूलता रहा और अंतत उसने इस भयानक दुस्साहस को अंजाम दे डाला.

एनकाउंटर में पुलिस ने सिखाया सबक, अस्पताल में उमड़ी भीड़

घटना के बाद जब पूरे राज्य में जनआक्रोश फैला, तो पुलिस हरकत में आई. मंगलवार को प्रतापपुर गांव के पास जब पुलिस टीम नंदन यादव को पकड़ने पहुंची, तो उसने पुलिस टीम पर चुनौती देने की कोशिश की. पुलिस की जवाबी फायरिंग में नंदन यादव के पैर में गोली लगी और वो गिर पड़ा. दोनों आरोपियों के सदर अस्पताल पहुंचने की खबर फैलते ही हजारों लोगों की भीड़ अस्पताल परिसर में जमा हो गई. जनआक्रोश को देखते हुए पुलिस ने सदर अस्पताल को छावनी में तब्दील कर दिया है.

‘अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा’: मुख्यमंत्री और ADG का सख्त रुख

बिहार के उप मुख्यमंत्री/गृह विभाग ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा बिहार पुलिस को जब भी कोई अपराधी चुनौती देगा, तो उसे हर हाल में कड़ा जवाब मिलेगा. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। अपराधी की कोई जाति नहीं होती.”

वहीं, एडीजी केएस अनुपम ने बताया कि जमुई कांड में अब तक मुख्य आरोपी नंदन यादव समेत 8 लोगों को गिरफ्तार/निरुद्ध किया जा चुका है. मुख्य आरोपियों और वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर जल्द से जल्द कठोर सजा दिलाई जाएगी.

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