खुद ही अधिकारी, खुद ही सरकार… बरेली में फर्जी आदेशों का खेल, 2 गिरफ्तार; 3 आरोपी फरार​

खुद ही अधिकारी, खुद ही सरकार… बरेली में फर्जी आदेशों का खेल, 2 गिरफ्तार; 3 आरोपी फरार​

Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में सरकारी अधिकारियों के नाम और सिग्नेचर का इस्तेमाल कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह का भमोरा पुलिस ने खुलासा किया है. पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि ये लोग अलगअलग सरकारी विभागों के अधिकारियों के नाम से फर्जी आदेश तैयार कर लोगों को झांसे में लेते थे और उनसे मोटी रकम वसूलते थे. पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से फर्जी आधार कार्ड, सरकारी आदेशों की छायाप्रति के साथ दो तमंचे और कारतूस बरामद किए हैं. इस मामले में तीन आरोपी अभी फरार हैं.

ईंटभट्ठे के पास से 2 आरोपियों को पकड़ा

दरअसल भमोरा पुलिस क्षेत्र में संदिग्ध लोगों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी. इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि सरकारी अधिकारियों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह के दो सदस्य क्षेत्र में घूम रहे हैं. सूचना यह भी थी कि उनके पास हथियार हैं. जानकारी मिलते ही पुलिस टीम ने ग्राम ब्राह्मपुर से पहले बंद पड़े ईंटभट्ठे के आसपास घेराबंदी कर दी. पुलिस ने मौके से राजवीर राठौर निवासी चकमहमूद, थाना बारादरी और निकेत भारद्वाज निवासी खन्नू मोहल्ला, थाना किला को गिरफ्तार कर लिया.

इतना ही नहीं तलाशी लेने पर दोनों के पास से दो फर्जी आधार कार्ड और अधिकारियों के नाम से तैयार दो फर्जी सरकारी आदेशों की छायाप्रति मिली. पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों के पास से 315 बोर के दो तमंचे और दो जिंदा कारतूस भी बरामद हुए. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर भमोरा थाने लाया गया और मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा दिया.

कचहरी में तैयार होते थे फर्जी दस्तावेज

पुलिस के अनुसार, राजवीर राठौर अपने साथियों पप्पू मौर्य, शिवलाल मौर्य और शशांक वर्मा के साथ मिलकर अलगअलग सरकारी विभागों के अधिकारियों के नाम से फर्जी कागजात तैयार कराता था. पुलिस का कहना है कि इन दस्तावेजों को तैयार कराने में निकेत भारद्वाज की भूमिका सामने आई है. निकेत कचहरी में बैठकर कंप्यूटर से जुड़े काम करता है. आरोप है कि उसकी मदद से अधिकारियों के नाम और हस्ताक्षर वाले दस्तावेज तैयार किए जाते थे.

पुलिस के मुताबिक, फर्जी आदेश और दूसरे दस्तावेज तैयार होने के बाद उनका इस्तेमाल लोगों को विश्वास में लेने के लिए किया जाता था. इसके बाद आरोपियों पर लोगों से रुपए वसूलने का आरोप है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तरीके से कितने लोगों को निशाना बनाया गया और उनसे कितनी रकम ली गई.

3 आरोपी फरार, पुराने मुकदमों की भी जांच

पुलिस के मुताबिक, इस मामले में पप्पू मौर्य निवासी चकमहमूद, शिवलाल मौर्य निवासी मेहतरपुर करोड़ और शशांक वर्मा निवासी राजेंद्र नगर, लखनऊ को भी आरोपी बनाया गया है. तीनों की तलाश की जा रही है. पुलिस बरामद फर्जी दस्तावेजों की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि इनमें किनकिन सरकारी अधिकारियों और विभागों के नाम इस्तेमाल किए गए. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गिरोह ने पहले कितने फर्जी आदेश तैयार किए और उनका इस्तेमाल कहांकहां किया गया?

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी राजवीर राठौर के खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं. इनमें हत्या, धोखाधड़ी, रंगदारी, एनडीपीएस एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले बताए गए हैं. बरेली और संभल के अलगअलग थानों में उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *