खुश नहीं हो तो ऑफिस मत आओ, चीन की लीव पॉलिसी पर हर्ष गोयनका ने छेड़ी नई बहस

खुश नहीं हो तो ऑफिस मत आओ, चीन की लीव पॉलिसी पर हर्ष गोयनका ने छेड़ी नई बहस

अगर कर्मचारी खुश नहीं है तो क्या उसे बिना वजह बताए छुट्टी लेने का अधिकार मिलना चाहिए? चीन की रिटेल कंपनी पांग डोंग लाई ने कर्मचारियों के लिए ऐसी ही अनहैप्पी लीव शुरू की है. इसके तहत कर्मचारी साल में 10 दिन तक की अतिरिक्त पेड छुट्टी ले सकते हैं और इसके लिए उन्हें कोई कारण बताने की जरूरत नहीं है. अब कारोबारी हर्ष गोयनका ने इस नीति को भारत के संदर्भ में चर्चा के लिए सामने रखा है. गोयनका का कहना है कि हमें इस बात पर और गहराई से सोचने की जरूरत है कि क्या भारतीय माहौल में ‘अनहैपी लीव’ की जरूरत है.

खुश नहीं हो तो ऑफिस मत आओ, चीन की लीव पॉलिसी पर हर्ष गोयनका ने छेड़ी नई बहस

चीन की कंपनी ने शुरू की अनहैप्पी लीव

चीन की रिटेल कंपनी पांग डोंग लाई ने 2024 में कर्मचारियों के लिए अनहैप्पी लीव नीति शुरू की थी. कंपनी के संस्थापक यू डोंगलाई के मुताबिक, हर व्यक्ति के जीवन में ऐसे समय आते हैं जब वह खुश नहीं होता, इसलिए जरूरत महसूस होने पर काम से दूर रहना ठीक है. इस नीति के तहत कर्मचारी साल में 10 अतिरिक्त दिनों की पेड छुट्टी ले सकते हैं. खास बात यह है कि छुट्टी लेने के लिए उन्हें कोई विस्तृत कारण बताने की जरूरत नहीं होती. मैनेजर भी इस छुट्टी के अनुरोध को मना नहीं कर सकते.

हर्ष गोयनका ने उठाया भारत का सवाल

कारोबारी हर्ष गोयनका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चीन की इस नीति के बारे में जानकारी साझा की. उन्होंने इसे भारत के संदर्भ में चर्चा का विषय बनाते हुए पूछा कि क्या यहां भी अनहैप्पी लीव की जरूरत है. उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि कर्मचारियों में बर्नआउट रोकने और ऐसा कार्यस्थल बनाने का बेहतर तरीका क्या हो सकता है, जहां लोग वास्तव में काम पर आना पसंद करें. उनकी पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इस नीति के फायदे और इसकी सीमाओं को लेकर अलगअलग राय रखी.

Chinese retailer Pang Dong Lai gives employees 10 days of paid unhappy leave. Founder Yu Donglais philosophy is simple If youre not happy, dont come to work. Managers are reportedly not allowed to refuse the request.
Extreme? Perhaps.
We do need a broader conversation if

— Harsh Goenka August 7, 2026

छुट्टी से बर्नआउट का समाधान या नहीं?

सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने कहा कि जब कर्मचारी व्यक्तिगत या काम से जुड़ी परेशानियों से जूझ रहा हो तो कुछ दिन का ब्रेक मदद कर सकता है. वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि सिर्फ 10 दिन की अतिरिक्त छुट्टी से पूरे साल की खराब कार्य संस्कृति की समस्या खत्म नहीं होगी. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। एक यूजर ने कहा कि कर्मचारी की परेशानी हमेशा ऑफिस की वजह से नहीं होती और कभीकभी कुछ दिनों का ब्रेक कर्मचारी और कंपनी दोनों के लिए बेहतर हो सकता है. दूसरी ओर, कुछ लोगों ने लंबे काम के घंटे और मैनेजर के व्यवहार जैसे मुद्दों को ज्यादा महत्वपूर्ण बताया.

क्या है अनहैप्पी लीव पॉलिसी?

अनहैप्पी लीव पॉलिसी का मतलब है कि अगर कोई कर्मचारी मानसिक रूप से परेशान या खुश नहीं है और उसे काम से ब्रेक चाहिए, तो वह बिना कोई कारण बताए छुट्टी ले सकता है. चीन की कंपनी पांग डोंग लाई में कर्मचारियों को साल में 10 दिन तक की अतिरिक्त पेड अनहैप्पी लीव मिलती है. खास बात यह है कि मैनेजर इस छुट्टी को मना नहीं कर सकते. सीधे शब्दों में कहें तो इस लीव का मतलब है कि खुश नहीं हो तो काम पर आने की जरूरत नहीं है, पहले खुद को समय दो.

चीन में सिर्फ 10 दिन की छुट्टी नहीं

पांग डोंग लाई की कर्मचारी कल्याण नीति सिर्फ अनहैप्पी लीव तक सीमित नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के कर्मचारी रोजाना सात घंटे काम करते हैं और उन्हें वीकेंड की छुट्टी मिलती है. कर्मचारियों को सालाना 30 से 40 दिनों की छुट्टी भी मिलती है. इसके अलावा लूनर न्यू ईयर के दौरान पांच अतिरिक्त छुट्टियां दी जाती हैं. ऐसे में कंपनी की नीति का फोकस कर्मचारियों को जरूरत के समय काम से ब्रेक देने के साथसाथ उन्हें ज्यादा छुट्टी का समय उपलब्ध कराने पर भी है.

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