चंबा. तीन महीने के बच्चे के इलाज के बाद परिवार हंसी खुशी घर लौट रहा था. सोचा था कि अब परेशानी दूर हो जाएगी. लेकिन किस्तम को कुछ और ही मंजूर था. कॉल रास्ते में पांच लोगों का इंतजार कर रहा था. देर शाम को जब पांचों लोगों की लाशें घर पहुंची तो मानों वक्त थम सा गया और चीखपुकार से गांव दहल गया.

दरअसल. हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के डलहौजी के बनीखेत में पठानकोट चंबा हाईवे पर कार हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई. यह परिवार तीन माह के बेटे के इलाज के बाद पीजीआई चंडीगढ़ से लौट रहा था और रात को धुंध और भारी बारिश के बीच हादसे का शिकार हो गया. ऑल्टो कार हाईवे से गिरी और फिर लिंक रोड़ पर फंसी. सबसे मार्मिक दृश्य उस समय देखने को मिला, जब कार से लाशें निकाली गई तो मां ने सीने के साथ ही तीन महीने का बेटा लिपटा हुआ मिला. करीब 100 मीटर नीचे तक गाड़ी गिरी, लेकिन मां ने सीने के साथ बेटे को पकड़े रखा. इस हादसे में हिमाचल प्रदेश पुलिस के जवान रिपन, उनके पिता, भतीजी, पत्नी और तीन महीने के बेटे की मौत हो गई. ये सभी भरमौर के गेहरा गांव के रहने वाले थे.
सोशल मीडिया पर एक युवक ने हादसे पर दुख जताते हुए लिखा कि कुछ लोग ज़िंदगी में थोड़े समय के लिए आते हैं, लेकिन अपनी यादें हमेशा के लिए छोड़ जाते हैं. आज मन बेहद दुखी है. यकीन ही नहीं हो रहा कि मेरे एक बहुत अच्छे मित्र आज नहीं रहे. उनसे होली में मुलाकात हुई थी और वे होली चौकी में तैनात थे. यह समाचार सुनकर दिल टूट गया और शब्द भी इस दुख को व्यक्त करने के लिए कम पड़ रहे हैं.
एक और यूजर ने लिखा कि आपका सादगी भरा स्वभाव, आपकी मुस्कान, आपका अपनापन और लोगों के प्रति आपका सम्मान हमेशा याद रहेगा. आपने अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से निर्वहन किया और अपने पीछे अनगिनत यादें छोड़ गईं. ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको और आपके परिवार के सभी दिवंगत सदस्यों को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें. आप भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन आपकी यादें हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेंगी. भावपूर्ण श्रद्धांजलि.
एनएसयूआई नेता तरुण ने लिखा कि मेरी कॉलेज की सहपाठी बहन कीर्ति राणा जी की एक सड़क दुर्घटना में मौत की बात को सुनकर बहुत दुखद महसूस हो रहा है. भगवान आपने बहुत गलत किया.
पुलिस के अनुसार, यह हादसा सोमवार देर रात हुआ, जब परिवार अपने तीन महीने के बीमार बच्चे को इलाज के लिए पठानकोट ले जा रहा था. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। मृतकों की पहचान बीमार बच्चे, उसके दादा वचन सिंह , मातापिता रिपुन सिंह और रिम्पी देवी के तौर पर हुई है. मरने वालों में 23 वर्षीय कीर्ति भी शामिल हैं. कीर्ति के पिता की मौत आठ साल पहले हो चुकी है और माता आंगनबाड़ी वर्कर हैं. उनके अलावा, एक छोटा भाई है. कीर्ति चंडीगढ़ में नौकरी करती थी और छुट्टी लेकर घर लौट रही थी और चंबा में मिंजर मेला देखने भी जाना था. कीर्ति वकील बनना चाहती थी.
पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि चालक के नियंत्रण खोने के बाद कार करीब 400 मीटर गहरी खाई में जा गिर गई. चंबा के पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने कहा, ‘‘शवों को बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए डलहौजी अस्पताल भेज दिया गया है. हादसे के सही कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है.’’ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत पर दुख जताया और जिला प्रशासन को पीड़ित परिवार के सदस्यों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.