Quick Samachar: तपती गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच शरीर को अंदर से ठंडा और हाइड्रेटेड रखना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। अक्सर इस मौसम में खानपान की छोटी सी लापरवाही शरीर में पानी की कमी और अंदरूनी ड्राईनेस को बढ़ा देती है। आयुर्वेद के अनुसार ग्रीष्म ऋतु में शरीर में गर्मी, सूखापन और वात दोष बढ़ने लगता है। इस मौसम में पाचन शक्ति भी कमजोर हो सकती है, इसलिए खानपान और दिनचर्या में कुछ बदलाव करना जरूरी माना जाता है।

आयुर्वेदिक एक्सपर्ट नित्यानंदम श्री ने बताया इस मौसम में गर्मी बढ़ने से शरीर में खुश्की बढ़ती है और पसीना ज्यादा आता है। ऐसे में पाचन शक्ति कमजोर होने लगती है और वात दोष बढ़ने लगता है। इस मौसम में थकान और सुस्ती भी महसूस हो सकती है। ऐसे मौसम में एक्सपर्ट ने खानेपीने की कुछ चीजों का सेवन करने की और कुछ चीजों से परहेज करने की सलाह दी है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि गर्मी में डाइट में कौन सी चीजें शामिल करें और किन से परहेज करें।
गर्मी के लिए आयुर्वेदिक एक्सपर्ट बेस्ड डाइट चार्ट
गर्मी में किन चीजों से करें बचें?
- एक्सपर्ट ने बताया गर्मी में बहुत भारी भोजन जैसे लड्डू, पंजीरी, ज्यादा पनीर और ग्रेवी का सेवन करने से परहेज करें।
- बहुत ज्यादा तलाभुना खाना, अधिक नमक और मसाले, बहुत गर्म कॉफी और ग्रीन टी का सेवन करने से बचें।
- लंबे समय तक भूखे रहना और एक बार में बहुत ज्यादा खाना सेहत के लिए खतरा है।
गर्मी से बचाव के लिए ये ड्रिंक जरूर पिएं
पानी और ठंडी तासीर के ड्रिंक का सेवन करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। मिट्टी के घड़े का पानी लाभकारी माना जाता है। छाछ और सत्तू गर्मी में शरीर को ठंडक देते हैं। आम का पना और जलजीरा पाचन में मदद कर सकते हैं।
बॉडी एक्टिविटी का रखें ध्यान
बहुत ज्यादा थका देने वाला व्यायाम न करें, अपनी क्षमता के अनुसार ही एक्सरसाइज करें। ज्यादा गर्मी में भारी एक्सरसाइज से बचें। इस मौसम में तैराकी, हल्की सैर और योग बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
दोपहर में आराम है जरूरी
भोजन के बाद 10 से 30 मिनट का हल्का आराम या नैप लिया जा सकता है। याद रखें कि सोते समय बाईं करवट लेटना एसिडिटी कम करने में मदद कर सकता है। शाम के समय लंबी नींद लेने से बचें, इससे रात की नींद प्रभावित हो सकती है।
लू से बचाव करें
लू से बचाव के लिए तेज धूप में निकलते समय सिर ढक कर रखें। गर्मी से ठंडी जगह और ठंडी जगह से गर्म जगह पर अचानक न जाएं। लू लगने पर हल्के, स्निग्ध और तरल पदार्थ जैसे छाछ या सत्तू का सेवन करें।
दिनचर्या में करें सुधार
- रात को देर तक जागने से बचें।
- सुबह जल्दी उठें और हल्का प्राणायाम करें।
- हरी घास पर टहलना लाभकारी माना जाता है।
- चमेली या हल्के इत्र की सुगंध से ताजगी महसूस हो सकती है।
- मौसमी फल और सब्जियों का सेवन करें।
इन चीजों से करें परहेज
बहुत ज्यादा नमक का सेवन, बहुत ज्यादा मसालों का सेवन, तलाभुना भोजन, बहुत गर्म कॉफी और अधिक कैफीन वाले ड्रिंक, लंबे समय तक भूखे रहना और एक बार में भरपेट खाने जैसी आदतों में सुधार करें।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी नित्यानंदन श्री के वीडियो के सार पर आधारित है। इसमें आयुर्वेदिक अवधारणाएं शामिल हैं, जिनमें से कई दावों के लिए आधुनिक वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। किसी बीमारी, दवा, गर्भावस्था, बुजुर्गों या विशेष स्वास्थ्य स्थिति में आहार या दिनचर्या बदलने से पहले डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।
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