
गोंडा, अमृत विचार : रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज घटना में जम्मू जाने की जिद पूरी न होने पर सात वर्षीय बालक ने अपने ही दिव्यांग पिता पर गड़ासे से जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल पिता को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
देहात कोतवाली थाना क्षेत्र के बेसिया चैन गांव के रहने वाले पीड़ित बिशन लाल चौहान के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा अरविंद कुमार अपनी चाची के साथ जम्मू में रहता है, जबकि छोटा बेटा देवराज भी उनके साथ जम्मू जाने की जिद कर रहा था। दोनों बच्चों की मां वर्षों पहले घर छोड़कर चली गई थी।
बताया गया कि रविवार सुबह करीब 10 बजे देवराज ने पिता से जम्मू जाने की अनुमति मांगी तो पैर से दिव्यांग बिशन लाल ने उसे जाने से मना कर दिया। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इसके बाद वह घर के बाहर पेड़ के नीचे जाकर सो गए। दोपहर करीब 12 बजे गुस्से में देवराज घर के अंदर रखा गड़ासा उठा लाया और गहरी नींद में सो रहे पिता पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। दिव्यांग होने के कारण बिशन लाल अपना बचाव भी नहीं कर सके। चीखपुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल को अस्पताल पहुंचाने के साथ पुलिस को सूचना दी।
देहात कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि देवराज अपने बड़े भाई और चाची के साथ जम्मू जाना चाहता था। पिता द्वारा मना किए जाने और आवेश में कही गई बात से वह नाराज हो गया। इसी गुस्से में उसने सो रहे पिता पर गड़ासे से हमला कर दिया। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।