ग्रैंड विटारा विवाद में मारुति सुजुकी को झटका, उपभोक्ता आयोग ने नई कार देने का सुनाया आदेश|

ग्रैंड विटारा विवाद में मारुति सुजुकी को झटका, उपभोक्ता आयोग ने नई कार देने का सुनाया आदेश|

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का एक महत्वपूर्ण फैसला ऑटोमोबाइल क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। आयोग ने देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी और उसके अधिकृत डीलर को एक ग्राहक की खराब कार के बदले नई कार उपलब्ध कराने का कड़ा निर्देश दिया है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब रायपुर के डॉ. प्रेमराज देबता ने जून 2024 में एक हाइब्रिड मारुति ग्रैंड विटारा खरीदी थी। वाहन खरीदने के बाद मात्र 21,913 किलोमीटर चलने पर ही कार के इंजन में गंभीर तकनीकी खराबी आने लगी, जिसके कारण गाड़ी बारबार बंद होने लगी।

ग्रैंड विटारा विवाद में मारुति सुजुकी को झटका, उपभोक्ता आयोग ने नई कार देने का सुनाया आदेश|

आयोग की जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता को कथित तौर पर पुराना स्टॉक बेचा गया था। वाहन वर्ष 2023 में निर्मित था और इसका इंजन उस समय प्रचलित ई20 ईंधन मानकों के अनुरूप नहीं था। हालांकि वाहन वारंटी अवधि के अंतर्गत था, इसके बावजूद कंपनी ने मरम्मत के लिए पांच लाख तीस हजार रुपये की अतिरिक्त मांग की थी। आयोग ने मारुति सुजुकी और उसके डीलर को निर्देश दिया है कि वे 45 दिनों के भीतर ग्राहक को ई20कंप्लायंट इंजन वाली नई ग्रैंड विटारा कार सौंपें। यदि कंपनी इस आदेश का पालन करने में विफल रहती है, तो उन्हें वाहन की पूर्ण कीमत यानी 20.50 लाख रुपये के साथ पंजीकरण और बीमा राशि का भुगतान करना होगा। इसके अतिरिक्त, डॉक्टर को हुई मानसिक परेशानी के लिए आयोग ने एक लाख रुपये का मुआवजा और 10,000 रुपये का कानूनी खर्च भी निर्धारित किया है।

इस पूरे प्रकरण पर मारुति सुजुकी ने अपना आधिकारिक पक्ष रखा है। कंपनी के बयान के अनुसार, उन्हें रायपुर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के इस आदेश की जानकारी है। कंपनी का दावा है कि संबंधित कार ई20 ईंधन के उपयोग के लिए पूरी तरह सक्षम थी और ओनर मैनुअल में भी इसकी स्पष्ट जानकारी दी गई थी। मारुति सुजुकी ने तर्क दिया है कि ग्राहक द्वारा उपयोग किए गए ईंधन में मिलावट के प्रमाण पाए गए हैं, जिसे फैसले में उचित महत्व नहीं दिया गया। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वे इस आदेश के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए उच्च उपभोक्ता फोरम में चुनौती देने की तैयारी कर रही है। मारुति सुजुकी ने दोहराया कि वह अपने इंजीनियरिंग मानकों, निर्माण प्रक्रियाओं और ग्राहकों की सुरक्षा एवं संतुष्टि के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह मामला एक ओर जहां उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा पर जोर देता है, वहीं दूसरी ओर कंपनियों के दावों और तकनीकी मानकों के बीच जारी संघर्ष को भी रेखांकित करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *