घर में चल रहा था महामृत्युंजय पाठ, तभी पति अरविंद ने बिछा दीं 4 लाशें; आजमगढ़ हत्याकांड की इनसाइड स्टोरी​

घर में चल रहा था महामृत्युंजय पाठ, तभी पति अरविंद ने बिछा दीं 4 लाशें; आजमगढ़ हत्याकांड की इनसाइड स्टोरी​

Azamgarh crime news: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में हुए हत्याकांड ने हिलाकर रख दिया है. यहां में एक पति ने अपनी पत्नी, बेटे और पूजा कराने आए दो पुरोहितों की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी. वारदात के वक्त घर में महामृत्युंजय पाठ कराया जा रहा था. वहीं, पुलिस ने आरोपी अरविंद का एनकाउंटर कर दिया है. वहीं, उसकी दो बच्चियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया है.

अरविंद की पत्नी बबीता सिंह ने घर में महामृत्युंजय पाठ का आयोजन कराया था. परिवार के मुताबिक, अरविंद के भाई सुनील सिंह की पहले हत्या हुई थी. उसकी आत्मा की शांति के लिए यह धार्मिक अनुष्ठान कराया जा रहा था. पूजा के दौरान घर में दो पुरोहित महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा मौजूद थे. इसी दौरान अरविंद बाजार से घर पहुंचा और उसने पूजा होते देख पुरोहितों से सवालजवाब शुरू कर दिया. आरोप है कि उसने दोनों से आधार कार्ड मांगा. इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया.

पहले पत्नी को मारी गोली

आरोप है कि पुरोहितों से बहस के दौरान अरविंद का गुस्सा बढ़ गया. वह कमरे के अंदर गया और अपनी लाइसेंसी राइफल लेकर बाहर आया. इसके बाद उसने कथित तौर पर सबसे पहले पत्नी बबीता को गोली मारी. फिर पूजा करा रहे दोनों पुरोहितों पर भी फायरिंग कर दी. गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचने लगे. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। भीड़ जुटती देख अरविंद अपने तीन बच्चों के साथ घर के एक कमरे में चला गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया.

सात घंटे तक चला पुलिस का ऑपरेशन

सूचना मिलते ही पुलिस ने मकान को चारों तरफ से घेर लिया. अधिकारियों ने अरविंद को सरेंडर करने के लिए समझाने की कोशिश की. ADG नवीन अरोड़ा के मुताबिक, पुलिस ने रिश्तेदारों और अधिकारियों के जरिए भी उससे लगातार बात की, लेकिन वह बाहर आने को तैयार नहीं था.
ADG के अनुसार, अरविंद बारबार बच्चों को अपनी ढाल बताते हुए पुलिस से पीछे हटने को कह रहा था. करीब सात घंटे बाद कमरे के अंदर से गोली चलने की आवाज आई. पुलिस को आशंका हुई कि अंदर बच्चों की जान को खतरा हो सकता है.

स्टन ग्रेनेड के बाद दरवाजा तोड़कर घुसी पुलिस

पुलिस टीम ने स्टन ग्रेनेड और आंसू गैस का इस्तेमाल किया और दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया. पुलिस के मुताबिक, अंदर पहुंचते ही अरविंद ने टीम पर कई राउंड फायरिंग की. इस दौरान उसकी बड़ी बेटी उसके सामने थी, जबकि छोटी बेटी उसके हाथ से नीचे गिर गई. बेटे को पहले ही गोली लग चुकी थी.

बच्चों को सुरक्षित निकालने के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अरविंद घायल हो गया. उसे और उसके घायल बेटे को अस्पताल ले जाया गया, जहां दोनों की मौत हो गई. इस पूरे घटनाक्रम में अरविंद, उसकी पत्नी बबीता, दोनों पुरोहितों और उसके बेटे समेत पांच लोगों की मौत हुई. वहीं उसकी दो बेटियों को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया. मौके पर फॉरेंसिक और SOG की टीम साक्ष्य जुटा रही है.

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