चाय वाले को पता नहीं, उसके नाम पर एटा में खुल गई फर्जी यूनिवर्सिटी; हैरान कर देगा खुलासा

चाय वाले को पता नहीं, उसके नाम पर एटा में खुल गई फर्जी यूनिवर्सिटी; हैरान कर देगा खुलासा
Featured Image

एटा में फर्जी यूनिवर्सिटी के अलावा मेडिकल कॉलेज का खुलासा हुआ है.

उत्तर प्रदेश के एटा में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां पुलिस ने एक चाय बेचने वाले व्यक्ति के नाम पर फर्जी यूनिवर्सिटी का खुलासा किया है. इस यूनिवर्सिटी में फर्जीवाड़ा इस कदर था कि खुद इसके प्रिंसिपल ने अपने अपहरण की कहानी रच डाली और अपने परिजनों से 20 लाख की फिरौती वसूलने की कोशिश की. गनीमत रही कि घर वाले फिरौती की रकम देने के बजाय पुलिस में चले गए. पुलिस ने मामले की जांच करते हुए धोखे की यूनिवर्सिटी के प्रिंसिपल सत्येंद्र कुमार को अरेस्ट कर लिया है.

एटा पुलिस के मुताबिक आरोपी सत्येंद्र के भाई को दो दिन पहले एक फोन आया था. इसमें बताया गया था कि सत्येंद्र का अपहरण हुआ है और उसे छुड़ाने के लिए 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई. परिजनों की सूचना पर हरकत में आई पुलिस ने आरोपी की लोकेशन ट्रैस करते हुए आगरा से धर दबोचा है. पुलिस ने आरोपी के साथ चार लड़कों को हिरासत में लिया है. बताया जा रहा है कि ये चारो लड़के आरोपी की फर्जी यूनिवर्सिटी के छात्र हैं.

चाय वाले के नाम पर फर्जीवाड़ा

पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी सतेंद्र कुमार उर्फ कृष्णपाल ने भगवान दास नामक एक चाय वाले के नाम पर इस फर्जी यूनिवर्सिटी कम मेडिकल कॉलेज खोला था. वह साल 2022 से छात्रों को मेडिकल की डिग्री दिलाने के नाम पर धांधली कर रहा था. इसने विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के नाम पर छात्रों से रकम ली थी, बदले में उन्हें फर्जी प्रमाणपत्र देता था. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी मार्कशीट, आईडी कार्ड, प्रवेश फार्म, हाजिरी शीट, परीक्षा पुस्तिकाएं, जाली प्रश्नपत्र, फीस रसीदें, मोहर, लेटर पैड, लैपटॉप और चार बैंकों के फर्जी चेक आदि चीजें बरामद की हैं.

इसलिए रची अपहरण की कहानी

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने अपहरण की कहानी बनाने की वजह भी बताई है. कहा कि उसका भेद खुलने वाला था, इसलिए छात्रों से लिए गए रुपये वापस करने का दबाव बढ़ गया था. ऐसे में उसने खुद के अपहरण की साजिश रची और अपने परिजनों से 20 लाख रुपये की डिमांड की. उसे लगा कि परिजन चुपचाप पैसे दे देंगे, लेकिन वो पुलिस में चले गए. पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा होने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया है.

अभिषेक पचौरी

अभिषेक पचौरी TV9 भारतवर्ष न्यूज़ चैनल में उत्तर प्रदेश के एटा से संवाददाता हैं. नेशनल न्यूज़ चैनल और डिजिटल पत्रकारिता में उनका 10 साल का लंबा अनुभव है. इस दौरान उन्होंने रिपोर्टर के तौर पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है. अभिषेक पचौरी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के एटा जिले के रहने वाले हैं. 2015 में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा से ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने 2016 में पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरुआत की, जहां उन्होंने लगभग दो वर्षों तक काम किया. इस दौरान वर्ष 2017 में हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और यूपी निकाय चुनाव जैसे बड़े घटनाक्रमों को बारीकी से कवर किया. इसके बाद उन्होंने वर्ष 2018 से वर्ष 2020 तक नवभारत टाइम्स में कार्य किया. वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव की व्यापक कवरेज के साथ-साथ वर्ष 2020 में कोविड जैसी महामारी के दौरान समाचार संकलन कर संस्थान के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसके बाद वर्ष 2021 में वो TV9 भारतवर्ष से जुड़े.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *