चीन या जापान, दुनिया को सबसे ज्यादा माचा टी कौन देता है?​

चीन या जापान, दुनिया को सबसे ज्यादा माचा टी कौन देता है?​

कौन सबसे आगे… दुनियाभर में माचा टी को लेकर लोगों में दि‍लचस्‍पी बढ़ रही है. यह बारीक पि‍सी हुई हरी चाय पत्‍ती का पाउडर है. पिछले कुछ सालों में इसकी लोकप्रियता बढ़ी है. दुनिया के कुछ चुनिंदा देशों में इसका प्रोडक्‍शन होता है. चीन, जापान, दक्ष‍िण कोरिया जैसे देशों के साथ अब भारत के असम में भी इसका उत्‍पादन शुरू हो गया है, लेकिन सवाल है कि इसे तैयार करने में कौन सबसे आगे है.

चीन या जापान… जब बात आती है कि सबसे आगे कौन तो यह जानना जरूरी है कि क्‍वालिटी की बात हो रही है या उत्‍पादन की. सबसे ज्‍यादा उत्‍पादन की बात करें तो इस मामले में चीन आगे हैं. वहीं, प्रीमियम क्‍वालिटी वाली माचा टी के मामले में जापान सबसे ऊपर है. पारंपरिक और प्रीमियम “सेरेमोनियलग्रेड” माचा के मामले में आज भी जापान का कोई मुकाबला नहीं है, लेकिन कुल उत्पादनमात्रा के लिहाज से अब चीन जापान को पीछे छोड़ चुका है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं।

जापान क्‍वालिटी में कैसे आगे… माचा बनाने की प्रक्रिया आम ग्रीन टी से अलग है. सामान्य ग्रीन टी में पत्तियों को पानी में भिगोकर निकाल लिया जाता है, जबकि माचा में पूरा पाउडर सीधे पानी में मिलाया जाता है. इसके लिए इस्तेमाल होने वाली खास पत्तियों को “तेनचा” कहा जाता है. तेनचा बनाने के लिए चाय के पौधों को कटाई से पहले छाया में रखा जाता है, जिससे पत्तियों का रंग गहरा हरा हो जाता है. छाया में उगी इन पत्तियों को भाप से प्रोसेस कर, सुखाकर और फिर पारंपरिक पत्थर की चक्कियों पर बारीक पीसकर माचा पाउडर तैयार किया जाता है. यही धीमी, मेहनतकश प्रक्रिया जापानी माचा को प्रीमियम दर्जा दिलाती है.

जापान में कहांकहां उत्‍पादन… जापान में आइची, कागोशिमा और क्योटो जैसे इलाके माचा उत्पादन के लिए मशहूर हैं. जापान के कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, कागोशिमा प्रांत तेनचा उत्पादन में देश में सबसे आगे है. वहीं, आइची प्रांत का निशियो क्षेत्र भी माचा की गुणवत्ता और पुरानी परंपरा के लिए दुनियाभर में जाना जाता है. हालांकि हाल के वर्षों में जापान में गर्म और सूखे मौसम की वजह से तेनचा उत्पादन में कमी आई है, जिससे कीमतों में भारी उछाल देखा गया है.

चीन कुल उत्‍पादन में कैसे आगे…इसकी सबसे बड़ी वजह है. जमीन. जापान में खेती योग्य जमीन सीमित है और किसानों की उम्र भी बढ़ रही है, जिससे उत्पादन क्षमता एक सीमा से आगे नहीं बढ़ पा रही. दूसरी ओर, चीन ने पिछले कुछ सालों में बड़े पैमाने पर निवेश करके माचा उत्पादन को औद्योगिक स्तर पर पहुंचा दिया है. चीन के झेजियांग और गुइझोऊ जैसे प्रांतों में अब दुनिया की सबसे बड़ी माचा फैक्ट्रियां मौजूद हैं, जो मुख्य रूप से बेकरी और पैकेज्ड फूड इंडस्ट्री के लिए बड़ी मात्रा में सस्ता माचा तैयार करती हैं.

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