जंतरमंतर प्रोटेस्ट: स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत पर कोर्ट में बहस पूरी, फैसला कल; SC/ST Act में हुई थी गिरफ्तारी​

जंतरमंतर प्रोटेस्ट: स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत पर कोर्ट में बहस पूरी, फैसला कल; SC/ST Act में हुई थी गिरफ्तारी​

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सोमवार को स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी कर आदेश सुरक्षित रख लिया. अब इस मामले में कोर्ट कल यानी मंगलवार को अपना फैसला सुनाएगा. स्वतंत्र भारद्वाज पर जंतरमंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के नाबालिग कार्यकर्ता के पिता के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है. स्वतंत्र भारद्वाज, फिलहाल जेल में बंद है.

दरअसल,पिछले सप्ताह दिल्ली हाई कोर्ट ने भारद्वाज की हैबियस कार्पस याचिका खारिज कर दी थी. इस याचिका के जरिए भारद्वाज ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी थी. वहीं, इसके बाद फिर उन्होंने पटियाला हाउस कोर्ट का रुख किया. स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने 4 सितंबर को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया था.

भारद्वाज के खिलाफ दो अलगअलग FIR दर्ज

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत याचिका पर सोमवार को बंद कमरे में सुनवाई हुई. कोर्ट बताया गया कि भारद्वाज के खिलाफ दो अलगअलग FIR दर्ज हैं. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इनमें से एक SC/ST Act और दूसरी POCSO के तहत दर्ज की गई है. कोर्ट को यह भी बताया गया कि भारद्वाज की गिरफ्तारी SC/ST Act वाली FIR के मामले में हुई है, POCSO मामले में नहीं.

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा कि क्या स्वतंत्र भारद्वाज ने जाति सूचक शब्द का इस्तेमाल किया था, जो SC/ST Act लगाया है. इसपर पुलिस ने कहा कि पहले जाति सूचक शब्द के आरोप नहीं थे. बाद में दोबारा बयान लेने पर जाति सूचक शब्द की बात सामने आई थी, इसी के आधार पर SC/ST Act लगाया गया.

क्या है पूरा मामला?

पूरा मामला जुलाई में जंतरमंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान मारपीट के जुड़ा है. स्वतंत्र भारद्वाज पर प्रदर्शन में शामिल होकर CJP की नाबालिग कार्यकर्ता के पिता के साथ मारपीट का आरोप है. करीब दो महीने तक ये मामला दबा रहा. इस बीच स्वतंत्र भारद्वाज ने खुद एक पोडकास्ट में मारपीट की बात कबूली और पीड़ित के सिर पर 6 टांके लगने की बात कही थी.

यही नहीं, स्वतंत्र भारद्वाज ने कुछ नेताओं के नाम लिए और कहा कि उनके साथ नजदीकी के कारण पुलिस प्रसाशन ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की. इसके वायरल होते ही CJP के नेता समेत विपक्ष हमलावर हो गया. सभी ने संसद थाने में पहुंचकर जमकर हंगामा किया और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की. दिल्ली पुलिस ने 4 सितंबर को स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से गिरफ्तार किया था.

कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था

दिल्ली पुलिस ने आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया. इसके बाद अदालत ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. स्वतंत्र भारद्वाज 21 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में हैं और अभी जेल में बंद हैं. वहीं, जमानत याचिका में आरोपी के वकील ने दलील दी कि उसके मुवक्किल को झूठे आरोपों में फंसाया गया है और वह लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़ा रहा है.

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