
मुरादाबाद, अमृत विचार। रामपुर से आए विभिन्न संगठनों एवं नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मंडलायुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह से मुलाकात की। उन्हें ज्ञापन सौंपकर जौहर यूनिवर्सिटी को तोड़े जाने की संभावित कार्रवाई का विरोध जताया। विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने के बजाय उसे सरकार के अधीन लेकर सरकारी विश्वविद्यालय के रूप में संचालित करने की मांग की।
रामपुर से आए लोगों ने सौंपे ज्ञापन में कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी में हजारों छात्रछात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। यदि विश्वविद्यालय को तोड़ा जाता है तो इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होगी और उनके भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि विश्वविद्यालय में मौजूद भवन, शैक्षणिक संसाधन और अन्य सुविधाएं जनहित की महत्वपूर्ण संपत्ति हैं, जिनका उपयोग शिक्षा के क्षेत्र में किया जाना चाहिए।
कहा कि सरकार यदि विश्वविद्यालय का संचालन अपने हाथ में ले लेती है तो यह संस्थान प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है। इससे शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और छात्रों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त से अनुरोध किया कि उनकी मांग और सुझावों को राज्य सरकार तक पहुंचाया जाए, जिससे इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लिया जा सके। मंडलायुक्त ने शासन स्तर पर उनकी मांग पहुंचाने का आश्वासन दिया।