
रामपुर, अमृत विचार। जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को ध्वस्त करने के आदेश का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। सोमवार को संसद के मानसून सत्र के दौरान रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिब्बुल्लाह नदवी ने लोकसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। दूसरी ओर, बारिश के बीच भी जौहर यूनिवर्सिटी के छात्रछात्राओं का विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन जारी रहा।
लोकसभा में उठाया ध्वस्तीकरण का मुद्दा
सांसद मोहिब्बुल्लाह नदवी ने लोकसभा के नियम56 के तहत कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को गिराने के आदेश पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित है।
नदवी ने कहा कि यह मामला केवल भवनों का नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हजारों छात्रछात्राओं की शिक्षा, परीक्षाओं, डिग्रियों और भविष्य से जुड़ा है। यदि शैक्षणिक भवनों को ध्वस्त किया जाता है तो विश्वविद्यालय की पूरी शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होगी और सैकड़ों शिक्षकों व कर्मचारियों की आजीविका भी संकट में पड़ जाएगी।
उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने के साथ ही देशभर के शैक्षणिक संस्थानों के लिए समान, पारदर्शी और गैरभेदभावपूर्ण नीति लागू करने की मांग की, ताकि शिक्षा संस्थानों का राजनीतिकरण न हो।
अखिलेश यादव से मुलाकात, विपक्ष का समर्थन
सांसद मोहिब्बुल्लाह नदवी ने इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी मुलाकात की। इस दौरान मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा समेत अन्य सांसद मौजूद रहे। संसद परिसर में सपा सांसदों और विपक्षी नेताओं ने नीट परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के मुद्दे पर भी प्रदर्शन किया।
जौहर यूनिवर्सिटी के बाहर बारिश में भी जारी रहा छात्रों का आंदोलन
उधर, जौहर यूनिवर्सिटी के छात्रछात्राओं ने बारिश के बावजूद मुख्य गेट पर तिरपाल लगाकर तीसरे दिन भी धरना जारी रखा। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन और रामपुर विकास प्राधिकरण से ध्वस्तीकरण के आदेश वापस लेने की मांग की। आंदोलन स्थल पर दिनभर समाजवादी पार्टी और आजमवादी खेमे के नेताओं का आनाजाना लगा रहा। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। सतनाम सिंह मट्टू, आसिम खान, पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर खान, फातिमा जबी और बिलासपुर के अमरजीत सिंह सहित कई नेता छात्रों के समर्थन में पहुंचे।