टीम इंडिया के मैच में राष्ट्रगान से पहले क्यों हुआ ‘वंदे मातरम्’? पहली बार इंटरनेशनल क्रिकेट में दिखा ये नजारा​

टीम इंडिया के मैच में राष्ट्रगान से पहले क्यों हुआ ‘वंदे मातरम्’? पहली बार इंटरनेशनल क्रिकेट में दिखा ये नजारा​

भारत और अफगानिस्तान के बीच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए पहले टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में क्रिकेट फैंस को एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जो इससे पहले किसी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में नहीं दिखा था। मैच शुरू होने से पहले राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ से पहले राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन हुआ। मैदान पर दोनों टीमों के खिलाड़ी मौजूद थे और इस बदलाव ने हर किसी का ध्यान खींच लिया।

पहली बार इंटरनेशनल क्रिकेट में हुआ ऐसा

भारत में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों से पहले राष्ट्रगान बजना लंबे समय से परंपरा का हिस्सा रहा है। लेकिन भारतअफगानिस्तान मुकाबले में इस कार्यक्रम में एक नया बदलाव देखने को मिला। पहले ‘वंदे मातरम्’ प्रस्तुत किया गया और उसके बाद ‘जन गण मन’ हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इस तरह दोनों की आधिकारिक प्रस्तुति पहली बार हुई। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इस वजह से मैच से पहले का समारोह भी सामान्य मुकाबलों के मुकाबले थोड़ा लंबा रहा और पहली गेंद निर्धारित समय से करीब चार मिनट बाद फेंकी गई।

क्यों बदला गया प्रोटोकॉल?

दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर दिशानिर्देश जारी किए गए थे। इनमें कहा गया है कि जब राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों एक साथ प्रस्तुत किए जाएं, तो पहले ‘वंदे मातरम्’ और उसके बाद ‘जन गण मन’ होना चाहिए। इसी व्यवस्था के तहत दिल्ली के इस मुकाबले में नया प्रोटोकॉल देखने को मिला। इस प्रस्तुति में ‘वंदे मातरम्’ के छह अंतरों वाला आधिकारिक संस्करण भी शामिल किया गया, जिसकी अवधि करीब 3 मिनट 10 सेकंड बताई गई। इसके बाद राष्ट्रगान की प्रस्तुति हुई।

मैच से पहले बना यादगार पल

भारत और अफगानिस्तान के खिलाड़ियों के लिए भी यह अनुभव कुछ अलग रहा। टॉस के बाद मैदान पर दोनों टीमों के खिलाड़ी खड़े हुए और पहले ‘वंदे मातरम्’ फिर ‘जन गण मन’ की प्रस्तुति हुई। भारत के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास में यह पल इसलिए खास बन गया क्योंकि पहली बार किसी इंटरनेशनल मुकाबले की शुरुआत में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों को इस क्रम में प्रस्तुत किया गया। अब देखना होगा कि आने वाले अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में यह व्यवस्था किस तरह जारी रहती है।

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