भारतीय क्रिकेट टीम के युवा कप्तान शुभमन गिल को लगातार अपनी पूरी ताकत वाली टीम के साथ खेलने का मौका नहीं मिल पा रहा है। अब टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने भी इस समस्या को खुलकर स्वीकार किया है। गंभीर ने माना कि चोट और खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी के कारण गिल को बारबार बदली हुई टीम के साथ मैदान पर उतरना पड़ रहा है।

गंभीर ने माना, Shubman Gill के लिए आसान नहीं है यह स्थिति
गौतम गंभीर ने साफ कहा कि टेस्ट और वनडे क्रिकेट में टीम के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का लगातार उपलब्ध रहना बेहद जरूरी है। उनके मुताबिक, अगले साल वनडे विश्व कप को देखते हुए भारत को अपनी मुख्य टीम के साथ ज्यादा से ज्यादा मुकाबले खेलने चाहिए।
गंभीर ने यह भी कहा कि एक युवा कप्तान के लिए यह स्थिति आसान नहीं है, जब उसे लगातार अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम के बिना मैदान पर उतरना पड़े। उन्होंने माना कि बतौर कोच वह आलोचना झेलने के लिए तैयार हैं, लेकिन शुभमन गिल को ज्यादा से ज्यादा बार पूरी ताकत वाली टीम मिलनी चाहिए।
चोट और व्यस्त कार्यक्रम ने बढ़ाई परेशानी
भारतीय टीम में इस समय कई खिलाड़ियों की चोट और अलगअलग टूर्नामेंट में व्यस्तता के कारण संयोजन प्रभावित हुआ है। जसप्रीत बुमराह , हार्दिक पंड्या , हर्षित राणा और साई सुदर्शन जैसे खिलाड़ियों की उपलब्धता अलगअलग समय पर प्रभावित हुई है। हाल ही में वरुण चक्रवर्ती भी चोट के कारण अफगानिस्तान सीरीज से बाहर हुए।
वहीं, वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज में श्रेयस अय्यर , ईशान किशन और जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी भी टीम संयोजन पर असर डालेगी। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इन खिलाड़ियों की एशियन गेम्स में व्यस्तता इसके पीछे एक बड़ी वजह है।
विश्व कप से पहले मजबूत टीम तैयार करना चुनौती
गौतम गंभीर ने माना कि वेस्टइंडीज सीरीज में कुछ नए खिलाड़ियों को मौका देना टीम के लिए फायदे का सौदा भी हो सकता है। नमन धीर और औकिब नबी जैसे खिलाड़ियों को वनडे टीम में पहली बार जगह मिली है।
कोच के मुताबिक, ऐसी परिस्थितियां भारत के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का पूल बढ़ाने में मदद कर सकती हैं। हालांकि, टीम प्रबंधन की कोशिश यही रहेगी कि विश्व कप की तैयारी के लिए प्रमुख खिलाड़ियों को लगातार एक साथ खेलने का मौका मिले। शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय टीम के लिए आने वाला समय इसी लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।