ट्रंप के बयान से थर्राया शेयर बाजार, कानपुर के निवेशकों में खलबली; पोर्टफोलियो वैल्यू में 2000 करोड़ की कमी का अनुमान

ट्रंप के बयान से थर्राया शेयर बाजार, कानपुर के निवेशकों में खलबली; पोर्टफोलियो वैल्यू में 2000 करोड़ की कमी का अनुमान
ट्रंप के बयान से थर्राया शेयर बाजार, कानपुर के निवेशकों में खलबली; पोर्टफोलियो वैल्यू में 2000 करोड़ की कमी का अनुमान

कानपुर, अमृत विचार। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर खत्म होने संबंधी बयान के बाद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार पर जबरदस्त असर देखने को मिला। सेंसेक्स 1677 अंक और निफ्टी 516 अंक लुढ़क गया। मिडकैपस्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली दिखी है। बाजार में अचानक घबराहट फैल गई और दोपहर बाद तेज बिकवाली शुरू हो गई। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,677 अंक और निफ्टी 516 अंक की भारी गिरावट के साथ बंद हुए। इस तेज गिरावट से शहर के निवेश भी काफी चिंतित दिखे।

आर्थिक सलाहकार राजीव सिंह के मुताबिक बाजार में आई इस गिरावट से शहर के निवेशकों के पोर्टफोलियो वैल्यू में करीब 2,000 करोड़ रुपये की कमी का अनुमान है। बड़ी कंपनियों के साथसाथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव रहा। गोल्ड ईटीएफ और सिल्वर ईटीएफ में भी गिरावट दर्ज की गई। 

इसी दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 78 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जिससे ऊर्जा कीमतों और महंगाई बढ़ने की आशंका भी तेज हो गई। यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है तथा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल आपूर्ति प्रभावित होती है, तो कच्चे तेल और गैस की कीमतों में और तेजी आ सकती है। इससे पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस महंगी होने के साथ महंगाई पर भी दबाव बढ़ सकता है।

फिलहाल बाजार पूरी तरह वैश्विक घटनाक्रम के प्रभाव में है। ऐसे समय में घबराकर निवेश संबंधी फैसले लेने से बचना चाहिए। नया निवेश या ट्रेड तभी करें, जब पश्चिम एशिया की स्थिति और वैश्विक बाजारों का रुख स्पष्ट हो। दीर्घकालिक निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो की गुणवत्ता बनाए रखते हुए संयम से काम लेना चाहिए।

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