ट्रक बेचकर टाटा मोटर्स ने की तगड़ी कमाई, 3 महीने में छाप डाले 2,560 करोड़ रुपये

ट्रक बेचकर टाटा मोटर्स ने की तगड़ी कमाई, 3 महीने में छाप डाले 2,560 करोड़ रुपये

टाटा मोटर्स के कमर्शियल व्हीकल कारोबार ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है. कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 83 फीसदी बढ़कर 2,560 करोड़ रुपये पहुंच गया. पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 1,397 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था.

कंपनी ने बुधवार को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि अप्रैलजून तिमाही में उसका ऑपरेशनल रेवेन्यू 19 फीसदी बढ़कर 20,667 करोड़ रुपये हो गया. पिछले साल की समान तिमाही में यह आंकड़ा 17,324 करोड़ रुपये था. यानी इस बार कंपनी की कमाई में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है.

मार्जिन में आई कमी

पहली तिमाही में कंपनी का EBITDA भी 10 फीसदी बढ़कर 2,300 करोड़ रुपये हो गया. हालांकि, EBITDA मार्जिन 10.9 फीसदी रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 90 बेसिस पॉइंट कम है. मार्जिन में कमी की बड़ी वजह कंपनी के खर्च में बढ़ोतरी रही. इस तिमाही में कंपनी का कुल खर्च सालाना आधार पर 13 फीसदी बढ़ा. यानी बिक्री और मुनाफे में तेजी के बावजूद बढ़ती लागत का दबाव कंपनी के मार्जिन पर दिखाई दिया.

1 लाख से ज्यादा कमर्शियल व्हीकल बेचे

बिक्री के मोर्चे पर भी टाटा मोटर्स के लिए पहली तिमाही अच्छी रही. कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कुल 1,08,700 कमर्शियल व्हीकल बेचे. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 26 फीसदी ज्यादा है. घरेलू बाजार में कंपनी की बिक्री 26 फीसदी बढ़ी, जबकि एक्सपोर्ट में इससे भी ज्यादा तेजी देखने को मिली. कंपनी का निर्यात वॉल्यूम 35 फीसदी बढ़ा. इस मजबूत बिक्री का असर कंपनी की बाजार हिस्सेदारी पर भी पड़ा. वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में घरेलू कमर्शियल व्हीकल बाजार में टाटा मोटर्स की हिस्सेदारी 36.8 फीसदी रही. पिछली तिमाही की तुलना में इसमें 100 बेसिस पॉइंट का सुधार हुआ है.

शेयर में भी दिखी तेजी

टाटा मोटर्स के तिमाही नतीजे बाजार बंद होने के बाद सामने आए. इससे पहले कंपनी के शेयर में भी तेजी देखने को मिली. बुधवार को BSE पर टाटा मोटर्स का शेयर करीब 2 फीसदी की बढ़त के साथ 457 रुपये पर बंद हुआ. कुल मिलाकर, टाटा मोटर्स के कमर्शियल व्हीकल कारोबार के लिए वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही मजबूत रही. बिक्री, रेवेन्यू और मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी हुई है. हालांकि, बढ़ती लागत और कमोडिटी कीमतों का दबाव कंपनी के लिए आगे भी एक चुनौती बना रह सकता है.

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