‘ठंडा कर दूंगा ठंडा’, छात्रों की गर्मी मिटाने के लिए गुंडागर्दी पर उतरे पुलिस अधिकारी; देखें सरेआम धमकाने का वीडियो​​

‘ठंडा कर दूंगा ठंडा’, छात्रों की गर्मी मिटाने के लिए गुंडागर्दी पर उतरे पुलिस अधिकारी; देखें सरेआम धमकाने का वीडियो​​
‘ठंडा कर दूंगा ठंडा’, छात्रों की गर्मी मिटाने के लिए गुंडागर्दी पर उतरे पुलिस अधिकारी; देखें सरेआम धमकाने का वीडियो

UP News: उत्तर प्रदेश में गुंडागर्दी इस कदर बढ़ गई है कि अब प्रशासन भी इसी रंग में रंग गया है. हाल ही में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसे देख आपका खून खौल उठेगा. दरअसल, इस वायरल वीडियो में पुलिस अधिकारी अविरल मिश्रा धरने पर बैठे छात्रों से नाराजगी जताते और उन्हें सख्त लहजे में चेतावनी देते नजर आ रहे हैं. अधिकारी छात्रों से कहते दिखाई दे रहे हैं कि यह गोरखपुर पुलिस है और अगर जरूरत पड़ी तो बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स बुला ली जाएगी. वह यह भी कहते हैं कि इतनी फोर्स बुलाएंगे कि प्रदर्शन कर रहे छात्र शांत हो जाएंगे. वीडियो सामने आने के बाद इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। समाजवादी पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए सरकार और पुलिस के रवैये पर सवाल उठाया. उन्होंने पुलिस अधिकारी को संयम और सौम्यता से पेश आने की सलाह दी. अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्र हैं, अपराधी नहीं हैं.

25 अगस्त को क्या हुआ था?

दरअसल, यह पूरा मामला 25 अगस्त का है. उस दिन गोरखपुर विश्वविद्यालय में कई छात्र अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे. प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने विश्वविद्यालय के दोनों गेटों पर ताला लगा दिया था. इससे विश्वविद्यालय आने वाले शिक्षकों, कर्मचारियों और दूसरे लोगों को परेशानी होने लगी. इसी बीच विश्वविद्यालय के प्रोक्टर डॉ. वेद प्रकाश राय छात्रों से बातचीत करने के लिए धरनास्थल पर पहुंचे. बताया गया कि बातचीत के दौरान छात्रों और प्रोक्टर के बीच विवाद हो गया और मामला झड़प तक पहुंच गया.

आखिर छात्रों की मांग क्या है?

इसके बाद डॉ. राय वहां से चले गए. घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में पुलिस को बुलाया गया. पुलिस के पहुंचने के बाद प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस अधिकारियों के बीच भी बहस हुई. इसी दौरान पुलिस अधिकारी अविरल मिश्रा का वीडियो रिकॉर्ड किया गया, जिसमें वह छात्रों को कड़े शब्दों में चेतावनी देते नजर आ रहे हैं. छात्रों का यह आंदोलन विश्वविद्यालय में छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई से जुड़ा है. प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि कुछ छात्र ऐसे मुद्दे उठा रहे थे, जो सीधे तौर पर विद्यार्थियों के हितों से जुड़े हैं.

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