ठग ने फेक जॉइनिंग लेटर देकर दो बहनों को सरकारी स्कूल में टीचर बनाकर भेजा, 5 महीने तक दोनों ने बच्चों को पढ़ाया; सैलरी मांगते ही खुल गई पोल

ठग ने फेक जॉइनिंग लेटर देकर दो बहनों को सरकारी स्कूल में टीचर बनाकर भेजा, 5 महीने तक दोनों ने बच्चों को पढ़ाया; सैलरी मांगते ही खुल गई पोल

Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने का एक चौंकाने वाला मामला नवाबगंज क्षेत्र से सामने आया है. आरोप है कि एक आंगनबाड़ी कार्यकत्री के पति ने अपनी जानपहचान का दावा करते हुए दो बहनों को शिक्षा विभाग में शिक्षक की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया. इसके बदले उसने दोनों से कुल एक लाख रुपये ले लिए. इतना ही नहीं, उसने फर्जी नियुक्ति पत्र भी तैयार कर दिए और दोनों युवतियों को एक प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाने के लिए भेज दिया. दोनों बहनें करीब पांच महीने तक बच्चों को पढ़ाती रहीं, लेकिन जब उन्हें वेतन नहीं मिला तो पूरे मामले का सच सामने आ गया. अब पीड़ित परिवार ने आरोपी के खिलाफ नवाबगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है.

ठग ने फेक जॉइनिंग लेटर देकर दो बहनों को सरकारी स्कूल में टीचर बनाकर भेजा, 5 महीने तक दोनों ने बच्चों को पढ़ाया; सैलरी मांगते ही खुल गई पोल

दरअसल बरेली के नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव बरखन की रहने वाली रेखा कुमारी ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वह आंगनबाड़ी कार्यकत्री हैं. काम के दौरान उनकी पहचान भदपुरा ब्लॉक की एक अन्य आंगनबाड़ी कार्यकत्री के पति त्रिवेंद्र गंगवार से हुई थी. बातचीत के दौरान उसने दावा किया कि उसकी अधिकारियों तक अच्छी पहुंच है और वह सरकारी नौकरी लगवा सकता है.

ठग को दिए पैसे

रेखा कुमारी ने अपनी दोनों बेटियों की नौकरी की बात उससे की. आरोप है कि आरोपी ने दोनों को शिक्षक बनाने के नाम पर 5050 हजार रुपये मांगे. परिवार ने भरोसा कर अक्टूबर और दिसंबर 2025 में कुल एक लाख रुपये उसे दे दिए. कुछ समय बाद आरोपी ने दोनों युवतियों को नियुक्ति पत्र देकर बताया कि उनकी तैनाती प्राथमिक विद्यालय बिहारीपुर अब्दुल रहमान में हो गई है. इसके बाद दोनों बहनों ने विद्यालय में जाकर काम भी शुरू कर दिया.

पांच महीने तक पढ़ाती रहीं, वेतन नहीं मिला तो खुली पोल

पीड़ित परिवार का आरओ है कि दोनों युवतियां लगातार करीब पांच महीने तक विद्यालय में बच्चों को पढ़ाती रहीं. इस दौरान उन्हें भरोसा था कि जल्द ही वेतन उनके खाते में आ जाएगा. लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी जब कोई वेतन नहीं मिला तो उन्होंने इसकी जानकारी जुटानी शुरू की. पूछताछ के दौरान पता चला कि शिक्षा विभाग की ओर से ऐसी कोई भर्ती निकली ही नहीं थी और जो नियुक्ति पत्र उन्हें दिया गया था, वह पूरी तरह फर्जी था. यह जानकारी मिलते ही परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई. इसके बाद रेखा कुमारी ने आरोपी के खिलाफ नवाबगंज थाने में शिकायत देकर रुपये वापस दिलाने और सख्त कार्रवाई की मांग की. पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

उधर, भदपुरा ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी विजय कुमार ने कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से इस तरह की कोई नियुक्ति नहीं की गई है. उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि दोनों युवतियों को विद्यालय में किसने और किस आधार पर काम करने दिया. पूरे मामले की जांच कराई जाएगी. जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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