डायनासोर से अंतरिक्ष तक… गोरखपुर का नया साइंस पार्क बनेगा बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र

डायनासोर से अंतरिक्ष तक… गोरखपुर का नया साइंस पार्क बनेगा बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र

Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में बच्चों और युवाओं को विज्ञान से जोड़ने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला परिसर में महंत अवैद्यनाथ ज्ञानविज्ञान पार्क बन रहा है. इस पार्क निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है. करीब 15.90 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस हाईटेक पार्क का लगभग 75 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और इसे अगले दो महीने में आम लोगों के लिए खोलने की तैयारी है.

डायनासोर से अंतरिक्ष तक… गोरखपुर का नया साइंस पार्क बनेगा बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र

गोरखपुर विकास प्राधिकरण के अनुसार, पार्क का निर्माण 3 जुलाई 2024 को शुरू हुआ था. यह उत्तर प्रदेश का दूसरा आधुनिक ज्ञानविज्ञान पार्क होगा, जहां बच्चे खेलखेल में विज्ञान, अंतरिक्ष और तकनीक की जटिल अवधारणाओं को सरल तरीके से समझ सकेंगे. परियोजना को नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि ज्यादातर काम लगभग पूरे हो चुके हैं.

क्या होगा खास?

पार्क में कई अत्याधुनिक और इंटरएक्टिव सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. अब तक एंट्रेंस प्लाजा, टिकट घर, कैनोपी कैफेटेरिया, ओपन एयर थिएटर, स्मृति चिन्ह शॉप, इलेक्ट्रिक सबस्टेशन और डायनासोरियम का निर्माण पूरा हो चुका है. वहीं, एस्ट्रोनॉमी और इंडियन स्पेस प्रोग्राम गैलरी में स्टोन फ्लोरिंग सहित अंतिम चरण के कार्य तेजी से किए जा रहे हैं.

इस पार्क का सबसे बड़ा आकर्षण डायनासोरियम होगा, जहां छात्रछात्राएं प्रागैतिहासिक जीवों और उनके इतिहास के बारे में रोचक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे. इसके अलावा भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम, खगोल विज्ञान और वैज्ञानिक खोजों पर आधारित विशेष गैलरियां भी तैयार की जा रही हैं. इन इंटरएक्टिव प्रदर्शनों के माध्यम से बच्चों में विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के प्रति रुचि विकसित करने का प्रयास किया जाएगा.

अंतिम चरण में निर्माण कार्य

गोरखपुर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने बताया कि परियोजना का लगभग 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है. निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा कराने के लिए तेजी से काम चल रहा है. उन्होंने कहा कि यह पार्क केवल मनोरंजन का केंद्र नहीं होगा, बल्कि विज्ञान शिक्षा का आधुनिक माध्यम बनेगा, जहां विद्यार्थी प्रयोगों और गतिविधियों के जरिए विज्ञान को व्यावहारिक रूप में समझ सकेंगे.

महंत अवैद्यनाथ ज्ञानविज्ञान पार्क के शुरू होने के बाद गोरखपुर को शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में नई पहचान मिलने की उम्मीद है. साथ ही यह पार्क पूर्वांचल के छात्रों, शोधार्थियों और पर्यटकों के लिए भी एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनेगा.

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