डिंपल यादव ने जंतरमंतर पहुंचकर सोनम वांगचुक से की मुलाकात, कहा संसद में मुद्दा उठाएगी सपा

डिंपल यादव ने जंतरमंतर पहुंचकर सोनम वांगचुक से की मुलाकात, कहा संसद में मुद्दा उठाएगी सपा

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव गुरुवार को जंतरमंतर पर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचीं. सोनम आज लगातार 19वें दिन से भूख हड़ताल पर हैं. इस मौके पर डिंपल यादव ने कहा, मुझे यकीन है और मैं युवाओं से अपील करना चाहती हूं कि आप सभी 20 जुलाई को जंतरमंतर से संसद तक होने वाले मार्च में शामिल हों. यह आपके अधिकार और सम्मान की लड़ाई है. सपा सांसद ने कहा कि सोनम वांगचुक ने कहा है कि वो 20 तारीख को अपनी भूख हड़ताल खत्म करेंगे.

डिंपल यादव ने जंतरमंतर पहुंचकर सोनम वांगचुक से की मुलाकात, कहा संसद में मुद्दा उठाएगी सपा

डिंपल यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी पेपर लीक और सोनम वांगचुक के मुद्दे को संसद में उठाएगी. समाजवादी पार्टी हमेशा छात्रों के साथ है. इस दौरान उन्होंने जौहर यूनिवर्सिटी की अवैध बिल्डिंग को ध्वस्त करने के मामले पर भी प्रतिक्रिया दी. जंतरमंतर से उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार कहीं भी बुलडोजर चला सकती है लेकिन राम मंदिर में चंदा चोरी करने वालों पर वो बुलडोजर थम जाता है.

बीजेपी को शिक्षा में भी सांप्रदायिकता दिखती है

इससे पहले समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी जौहर यूनिवर्सिटी के मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला बोला. एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, भारतीय जनता पार्टी को शिक्षा में भी सांप्रदायिकता दिखती है. शिक्षा, शिक्षक, शिक्षार्थी और शिक्षा के बाद मिलने वाली नौकरी इस पार्टी के एजेंडे में है ही नहीं. ये पार्टी अपने अनरजिस्टर्ड संगीसाथियों के अवैधानिक भवनों को कब ढहाएगी? जब संगीसाथी ही अपंजीकृत हैं तो उनके भवन, कार्यालय और संस्थान कैसे जायज होंगे?

सोनम वांगचुक से अखिलेश की क्या बात हुई थी?

बता दें कि डिंपल यादव के जंतरमंतर पर पहुंचकर सोनम वांगचुक से मिलने से पहले अखिलेश यादव ने बीते दिनों एक्टिविस्ट से बात की थी. इसे लेकर उन्होंने एक पोस्ट किया था, जिसमें कहा था कि सोनम वांगचुक से फोन पर बात करके उनके स्वास्थ्य के बारे में जाना. उनसे अनशन तोड़ने की अपील की. उनके सत्याग्रह को हमारा खुला समर्थन है.

‘जनहित में इस आग्रह पर विचार करें’

अखिलेश ने कहा, हमारा मानना है कि वो जनहित में इस आग्रह पर विचार करें. देश की संपूर्ण युवा शक्ति, उनके अभिभावकों, परिवार और परिजनों की आकांक्षा भी यही है क्योंकि उनके नैतिक बल की देश को बहुत जरूरत है. इसलिए वो पूरी दुनिया से आ रहे निवेदनों को स्वीकार करते हुए अपना अनशन तोड़े दें. फिर कुछ दिनों का स्वास्थ्य लाभ लें. नई ऊर्जा का संचय करके फिर नए आंदोलन में जुट जाएं.

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