“डॉक्टरों ने कहा था 1 साल से भी कम बचा है वक्त..”, जानिए कैसे दिया मौत को चकमा..

“डॉक्टरों ने कहा था 1 साल से भी कम बचा है वक्त..”, जानिए कैसे दिया मौत को चकमा..
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वाशिंगटन. जीवन में जब इंसान को एक बार भी कैंसर जैसी घातक और खौफनाक बीमारी का सामना करना पड़ता है, तो उसकी पूरी दुनिया हिल जाती है. लेकिन अमेरिका के कंसास राज्य स्थित ओवरलैंड पार्क की रहने वाली 53 वर्षीय लिज बैंडिट की कहानी इंसान की अटूट इच्छाशक्ति की एक ऐसी मिसाल है, जिसे सुनकर पूरी दुनिया हैरान है. लिज ने अपने जीवन में एक या दो बार नहीं, बल्कि पूरे छह बार कैंसर जैसे जानलेवा दुश्मन को पटकनी दी है. जब डॉक्टरों ने उनके पास महज एक साल का समय बचने की आशंका जताई थी, तब दो छोटे बच्चों की मां लिज ने हार मानने के बजाय हर बार मौत के मुंह से वापसी की और आज वे पूरी तरह स्वस्थ होकर हाफ मैराथन दौड़ रही हैं. लिज की यह खौफनाक यात्रा साल 2009 में शुरू हुई थी, जब वे 36 साल की थीं और दो छोटे बच्चों (3 साल की बेटी ईव और 1 साल के बेटे एलेक्स) की मां थीं.

स्विमिंग पूल के पास टहलते समय उनकी मां की नजर लिज के पैर पर मौजूद एक अजीब तिल पर पड़ी. मां के बार-बार ज़िद करने पर जब लिज ने डर्मेटोलॉजिस्ट को दिखाया, तो रिपोर्ट में स्किन कैंसर यानी मेलानोमा की पुष्टि हुई. डॉक्टरों ने साफ कह दिया था कि अगर यह कैंसर शरीर में फैल गया, तो उनके पास जीने के लिए एक साल से भी कम वक्त बचा है. दो मासूम बच्चों के सिर से मां का साया उठने का डर लिज के दिल में बैठ गया था, लेकिन पहली सर्जरी के जरिए उनका मेलानोमा ट्यूमर निकाल दिया गया. हालांकि, यह तो 15 साल लंबे दर्दनाक सिलसिले की महज शुरुआत थी. साल 2010 में लिज को थायरॉयड कैंसर हो गया, जिसके लिए उनकी सर्जरी कर थायरॉयड ग्रंथि हटानी पड़ी. इसके बाद 2015 में उनकी नाक पर बैसल सेल कार्सिनोमा का पता चला, जिससे उनकी चेहरे की सर्जरी और प्लास्टिक सर्जरी करनी पड़ी.

दुख का पहाड़ तब और टूट पड़ा जब 2017 में उनके बाएं ब्रेस्ट में कैंसर पाया गया, जिसके लिए 35 बार रेडिएशन थेरेपी और सर्जरी झेलनी पड़ी. हद तो तब हो गई जब 2023 में उनके दाहिने ब्रेस्ट में भी कैंसर की पुष्टि हुई और 2024 में एक बार फिर उनके पैर में मेलानोमा लौट आया. इतनी भयावह और बार-बार टूटने वाली परिस्थितियों के बावजूद लिज ने हिम्मत नहीं हारी. वे लगातार इलाज कराती रहीं और आखिरकार 2025 में डॉक्टरों ने उन्हें पूरी तरह कैंसर-मुक्त घोषित कर दिया. छह बार मौत को चकमा देने के बाद लिज ने अपनी इस जीत का जश्न हाफ मैराथन दौड़कर मनाया. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। अपने दर्दनाक अनुभवों का इस्तेमाल दूसरों की मदद के लिए करते हुए लिज ने 2020 में द बाम बॉक्स नाम से एक कंपनी शुरू की, जो कैंसर मरीजों को उनके इलाज के हिसाब से जरूरी राहत सामग्री के केयर पैकेज बनाकर देती है. आज 53 साल की उम्र में लिज बेहद फिट हैं, हर हफ्ते अपने दोस्तों के साथ दौड़ती हैं और हर पल को खुशी-खुशी जी रही हैं.

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