
कानपुर में कल्याणपुर इंद्रानगर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या उसके बेटे सुब्रत ने 40 लाख रुपये के कर्ज और पिता की अय्याशी से आजिज होकर कराई थी। पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान शालू और नौकर विशाल का सामना होने और पुलिस के पास उपलब्ध उसके खिलाफ साक्ष्य देखने के बाद बुधवार रात 2:30 बजे आखिर सुब्रत ने स्वीकार कर लिया।
पांच सितंबर को विनीत की हत्या उनके फ्लैट में की गई थी। हत्या के आरोप में विनीत की बहू शालू, पुराने नौकर विशाल और उसके साथी राजकिशोर को जेल भेजा गया था। पुलिस को सुब्रत पर भी शक था इसलिए बुधवार को रिमांड लेकर शालू, सुब्रत और विशाल का आमना-सामना कराया।
जुए, सट्टे और कैसीनो के अलावा महंगी शराब पीने का शौक
इसी दौरान विशाल ने हत्या कराने के लिए सुब्रत का नाम लेकर मामले में नया मोड़ ला दिया था। पुलिस के पास विशाल के बयान और सुब्रत के खिलाफ तमाम डिजिटल और साक्ष्य थे, जिन्हें देखते हुए उसे हत्या कराने की साजिश स्वीकारनी पड़ी। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि सुब्रत को जुए, सट्टे और कैसीनो के अलावा महंगी शराब पीने का शौक था।
पिता, अय्याशी पर खर्च करते थे रुपये
उसकी इन आदतों ने उसे 40 लाख का कर्जदार बना दिया था। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इस रकम में 14 लाख रुपये वह भी शामिल हैं, जो शालू ने अपने पिता से सुब्रत को दिलाए थे। उसे 55 हजार रुपये प्रतिमाह बतौर किस्त देने पड़ते थे। वहीं, पिता उसे मात्र 40 हजार रुपये महीना देते थे, जबकि खुद हर रविवार को हजारों रुपये अपनी अय्याशी पर खर्च करते थे।
महिलाओं और लड़कियों से भी थे अवैध संबंध
विनीत के महिलाओं और लड़कियों से भी अवैध संबंध थे। कर्ज और महंगे शौक के चलते सुब्रत ने नौकर विशाल की मदद से छह माह के भीतर अपनी ही दुकान से चार पांच बार दवाओं की चोरी भी कराई थी। इस पर विनीत आए दिन उसे कर्मचारियों के सामने बेइज्जत करते थे।
संपत्ति का खतरा न खड़ा हो जाए
सुब्रत ने पुलिस को बताया कि पिता की अय्याशी अब हदें पार करने लगी थीं। वह उसे भी महिलाओं और लड़कियों के साथ अपनी तस्वीरें दिखाने लगे थे। इससे उसे लगने लगा था कि कहीं किसी दिन किसी महिला को पिता उसकी मां बताकर अपने साथ घर न ले आएं, जिससे संपत्ति का खतरा खड़ा हो जाए।