
रामनगर/हैदरगढ़, बाराबंकी, अमृत विचार : दिल्ली के जंतरमंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में प्रस्तावित आंदोलनों को लेकर बाराबंकी में पुलिस पूरी तरह अलर्ट रही। कानूनव्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस ने अलगअलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए युवा एकता मंच के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकुमार लोधी और समाजवादी पार्टी के युवा नेता पप्पू सिद्दीकी को उनके घरों पर ही रोक दिया। दोनों नेताओं ने इसे हाउस अरेस्ट बताया, जबकि पुलिस ने इसे एहतियाती कार्रवाई करार दिया है।
रामनगर क्षेत्र में युवा एकता मंच की ओर से बदोसराय मोड़ से थाना परिसर तक छात्रों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। संगठन ने सोशल मीडिया पर प्रदर्शन का पोस्टर भी जारी किया था। इससे पहले ही बृहस्पतिवार देर रात से सुढ़ियामऊ चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ रामकुमार लोधी के आवास पर पहुंच गए और उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया। रामकुमार लोधी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध को दबाने के लिए उन्हें नजरबंद किया गया। उनका कहना था कि संगठन केवल छात्रों के समर्थन में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठाना चाहता था।
वहीं, हैदरगढ़ में समाजवादी पार्टी के युवा नेता पप्पू सिद्दीकी को भी बीती रात पुलिस ने उनके कोठी वार्ड स्थित आवास पर रोक दिया। बताया गया कि दिल्ली में प्रस्तावित आंदोलन के समर्थन में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के नेतृत्व में लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में उनके पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ शामिल होने की सूचना मिलने पर पुलिस सक्रिय हो गई। इसके बाद देर रात करीब 12 बजे कोतवाली पुलिस उनके घर पहुंची और उन्हें बाहर जाने से रोक दिया। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। पप्पू सिद्दीकी ने इसे हाउस अरेस्ट बताते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में कार्रवाई केवल एहतियातन की गई। रामनगर थाना प्रभारी निरीक्षक अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि कानूनव्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए संबंधित लोगों को आगाह किया गया है, उन्हें हाउस अरेस्ट नहीं किया गया। क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। उधर, हैदरगढ़ प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार पांडे ने कहा कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर कानूनव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए एहतियाती कार्रवाई की गई थी। पुलिस का उद्देश्य किसी भी तरह की अव्यवस्था या अप्रिय स्थिति को रोकना था।