धूप पड़ते ही हीरे जैसा जगमगाता है ये जादुई समुद्र तट, चारों तरफ शीशे ही शीशे!

धूप पड़ते ही हीरे जैसा जगमगाता है ये जादुई समुद्र तट, चारों तरफ शीशे ही शीशे!
धूप पड़ते ही हीरे जैसा जगमगाता है ये जादुई समुद्र तट, चारों तरफ शीशे ही शीशे!

मॉस्को. दुनियाभर में एक से बढ़कर एक समुद्र तट हैं, जिनमें से कोई अपनी सफेद रेत के लिए तो कोई नीले पानी के लिए जाना जाता है. लेकिन रूस में एक ऐसा बीच है, जिसकी चमक आंखों को चौंधिया देती है. रूस के व्लादिवोस्तोक शहर से महज 30 मिनट की दूरी पर स्थित उसूरी खाड़ी का तट आज दुनिया भर के पर्यटकों के लिए एक अद्भुत आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. इस जादुई बीच को स्थानीय रूप से स्टेकल्याश्का या ग्लास बीच के नाम से जाना जाता है. यहां रेत दिखाई ही नहीं देती. चारों ओर सिर्फ रंग-बिरंगे शीशे फैले हैं. पहली नजर में देखने पर ऐसा लगता है, जैसे किसी ने किनारे पर करोड़ों कीमती और रंग-बिरंगे नगीने बिखेर दिए हों, लेकिन इसके पीछे की कहानी प्रकृति की अद्भुत कारीगरी का एक अनोखा उदाहरण है.

सोवियत काल के दौरान इस तटीय क्षेत्र का इस्तेमाल एक डंपिंग यार्ड की तरह किया जाता था. पास की एक चीनी मिट्टी और कांच की फैक्ट्री बेकार कांच की बोतलों और चीनी मिट्टी के बर्तनों को यहीं फेंक देती थी. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। तो एक अन्य मान्यता के अनुसार, कांच के इस कचरे को नदियों द्वारा बहाकर समुद्र में लाया गया था. ऐसे में दशकों तक इस कचरे के कारण यह तट बेहद खतरनाक माना जाता था और लोग यहां जाने से कतराते थे. हालांकि, समय के साथ कुदरत ने अपना काम शुरू किया. प्रशांत महासागर की तूफानी लहरों, तेज हवाओं और पानी के थपेड़ों ने दशकों तक कांच के इन नुकीले टुकड़ों को आपस में रगड़ा और तराशा. लहरों के इस निरंतर प्रभाव से कांच के तीखे कोने घिसकर पूरी तरह से चिकने, गोल और हानिरहित पत्थरों में बदल गए. धूप खिलने पर ये कांच के टुकड़े मोमबत्ती और रंग-बिरंगे हीरों की तरह जगमगाते हैं.

वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों का मानना है कि प्रकृति की यह छंटाई और सफाई प्रक्रिया एक जीवंत प्रमाण है. ऐसा ही एक और प्रसिद्ध उदाहरण अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित फोर्ट ब्रैग के मैककेरिचर स्टेट पार्क में भी देखने को मिलता है, जहां 20वीं सदी के मध्य में प्रशांत महासागर की लहरों ने तटीय इलाके को खूबसूरत ‘सी-ग्लास बीच’ में बदल दिया था. एक्सपर्ट की मानें तो उसूरी खाड़ी का यह अनूठा दृश्य सदा के लिए नहीं रहेगा. आने वाले दशकों में महासागर की लहरें इन कांच के टुकड़ों को इतना घिस देंगी कि ये पूरी तरह से साधारण रेत के कणों में तब्दील हो जाएंगे. दुनिया भर से लाखों पर्यटक इस जादुई नजारे को अपनी आंखों से देखने और इस प्राकृतिक अजूबे को महसूस करने के लिए रूस के इस अनोखे बीच पर पहुंचते हैं.

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