निवेशकों ने हाथोंहाथ लिया SBI म्यूचुअल फंड का IPO, दूसरे दिन ही कोटा फुल, 16% लिस्टिंग की उम्मीद!

निवेशकों ने हाथोंहाथ लिया SBI म्यूचुअल फंड का IPO, दूसरे दिन ही कोटा फुल, 16% लिस्टिंग की उम्मीद!

SBI फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड का IPO बुधवार को बोली के दूसरे दिन पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया. NSE के 11:21 बजे तक के डेटा के अनुसार, 9,812.91 करोड़ रुपए के इस IPO में 12,45,63,536 शेयरों के मुकाबले 14,51,33,924 शेयरों के लिए बोलियां मिलीं, जिससे यह 1.17 गुना सब्सक्राइब हुआ. नॉनइंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की कैटेगरी में 2.65 गुना सब्सक्रिप्शन मिला. रिटेल इन्वेस्टर्स के कोटा में 97 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रखे गए हिस्से में 8 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला. SBI फंड्स मैनेजमेंट ने इससे पहले एंकर इन्वेस्टर्स से 2,663 करोड़ रुपए जुटाए थे.

निवेशकों ने हाथोंहाथ लिया SBI म्यूचुअल फंड का IPO, दूसरे दिन ही कोटा फुल, 16% लिस्टिंग की उम्मीद!

एंकर बुक में GIC, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, कैपिटल वर्ल्ड इन्वेस्टर्स, ब्लैकरॉक, फिडेलिटी मैनेजमेंट एंड रिसर्च, गोल्डमैन सैक्स एसेट मैनेजमेंट और नॉर्जेस बैंक जैसे ग्लोबल इन्वेस्टर्स के साथसाथ लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया , HDFC म्यूचुअल फंड , ICICI प्रूडेंशियल MF, निप्पॉन इंडिया MF और HDFC लाइफ इंश्योरेंस जैसे प्रमुख घरेलू संस्थानों ने हिस्सा लिया. यह IPO 16 जुलाई को बंद होगा. इसके लिए प्राइस बैंड 545574 रुपए प्रति इक्विटी शेयर तय किया गया है.

कितनी हिस्सेदारी बेच रही एसबीआई?

यह पब्लिक इश्यू पूरी तरह से मौजूदा शेयरधारकों स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और Amundi द्वारा 17.09 करोड़ तक के इक्विटी शेयरों की बिक्री का प्रस्ताव है. SBI अपनी 6.3 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगा, जबकि Amundi 3.7 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगा. लिस्टिंग के बाद, SBI की हिस्सेदारी 61.76 प्रतिशत से घटकर 55.46 प्रतिशत हो जाएगी, जबकि Amundi की हिस्सेदारी घटकर 32.56 प्रतिशत रह जाएगी. इश्यू का साइज पहले 11,693 करोड़ रुपए प्रस्तावित था, लेकिन कंपनी द्वारा लगभग 1,880 करोड़ रुपए का प्रीIPO प्लेसमेंट पूरा करने के बाद इसे कम कर दिया गया. प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर, SBI फंड्स मैनेजमेंट का वैल्यूएशन लगभग 1.2 लाख करोड़ रुपए है. 1987 में शुरू हुई SBI फंड्स मैनेजमेंट, तिमाही औसत एसेट्स अंडर मैनेजमेंट के हिसाब से भारत की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है. 31 मार्च, 2026 तक इसके पास म्यूचुअल फंड में 12.51 लाख करोड़ रुपए और 15.3 प्रतिशत मार्केट शेयर था.

SBI फंड्स मैनेजमेंट IPO GMP

SBI फंड्स मैनेजमेंट IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम अभी प्रति शेयर लगभग 93 रुपए है, जो 574 रुपए के ऊपरी प्राइस बैंड से लगभग 16 फीसदी से भी ज्यादा है. अगर यह ट्रेंड जारी रहता है, तो स्टॉक लगभग 667 रुपए पर लिस्ट हो सकता है, जिससे निवेशकों को अच्छा लिस्टिंग गेन मिल सकता है. हालांकि GMP एक अनौपचारिक इंडिकेटर है और लिस्टिंग से पहले इसमें काफ़ी बदलाव हो सकता है, लेकिन मौजूदा प्रीमियम देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड एसेट मैनेजर कंपनी के IPO के प्रति मार्केट के मज़बूत भरोसे को दिखाता है.

ब्रोकर की सलाह

ईटी की रिपोर्ट के अनुसार निर्मल बांग ने मीडियम से लॉन्गटर्म नजरिए से इस IPO को “सब्सक्राइब” रेटिंग दी है. कंपनी का कहना है कि SBI MF की मार्केट लीडरशिप, डिस्ट्रिब्यूशन की मज़बूती, अच्छा मुनाफ़ा और इंडस्ट्री का अच्छा आउटलुक इस इश्यू के पक्ष में हैं. आनंद राठी ने भी “सब्सक्राइब” करने की सलाह दी है. ब्रोकरेज का कहना है कि IPO की कीमत पूरी है, लेकिन SBI फंड्स मैनेजमेंट की लीडरशिप, एसेटलाइट मॉडल, SBIAmundi की पैरेंट कंपनी और रिटेल निवेशकों का आधार इस ऑफर के पक्ष में हैं.

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और वैल्यूएशन

SBI फंड्स मैनेजमेंट ने पिछले तीन सालों में लगातार फाइनेंशियल ग्रोथ हासिल की है. ऑपरेशन्स से होने वाली कमाई FY26 में बढ़कर 4,389 करोड़ रुपए हो गई, जबकि FY25 में यह 3,598 करोड़ रुपए और FY24 में 2,691 करोड़ रुपए थी. टैक्स के बाद कंसोलिडेटेड प्रॉफ़िट FY26 में बढ़कर 3,067 करोड़ रुपए हो गया, जो एक साल पहले 2,540 करोड़ रुपए और FY24 में 2,073 करोड़ रुपए था. कंपनी ने इंडस्ट्री में सबसे अच्छी प्रॉफिटेबिलिटी भी बनाए रखी है. इसका EBITDA मार्जिन FY26 में बेहतर होकर 79.1 फीसदी हो गया, जो FY25 में 77.1 फीसदी और FY24 में 73.7 फीसदी था, जबकि रिटर्न ऑन इक्विटी शानदार 51.4 फीसदी रहा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *