नोएडा के डूब क्षेत्र में बिजली को लेकर आरपार की लड़ाई! 15वें दिन भी धरना जारी, 5 महिलाओं की तबीयत खराब​

नोएडा के डूब क्षेत्र में बिजली को लेकर आरपार की लड़ाई! 15वें दिन भी धरना जारी, 5 महिलाओं की तबीयत खराब​

नोएडा में डूब क्षेत्र की कॉलोनियों में बिजली कनेक्शन की मांग को लेकर भारतीय किसान परिषद के बैनर तले चल रहा धरना सोमवार को 15वें दिन भी जारी रहा. आंदोलन अब आमरण अनशन तक पहुंच चुका है. अनशन पर बैठे 35 लोगों में से पांच महिलाओं की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें पहले धरना स्थल पर प्राथमिक उपचार दिया गया.

हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन खत्म करने से इनकार कर दिया है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक बिजली कनेक्शन को लेकर सरकार और प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक धरना और आमरण अनशन जारी रहेगा.

42 कॉलोनियों में बिजली कनेक्शन की समस्या, नहीं हुआ समाधान

भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखवीर खलीफा के अनुसार, डूब क्षेत्र की करीब 42 कॉलोनियों में बिजली कनेक्शन की समस्या बनी हुई है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। उनका कहना है कि छिजारसी और चोटपुर कॉलोनी में बिजली का बुनियादी ढांचा पहले से मौजूद है, इसलिए वहां कनेक्शन दिए जा रहे हैं, जबकि कई अन्य कॉलोनियों में बिजली पहुंचाने के लिए नए पोल और तार लगाने की जरूरत है.

उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि जब डूब क्षेत्र की कई कॉलोनियों में हजारों लोग रह रहे हैं, तो वहां बिजली जैसी मूलभूत सुविधा क्यों उपलब्ध नहीं कराई जा रही है. दूसरी तरफ, विद्युत निगम की ओर से डूब क्षेत्र में कनेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है.

300 घरों में कनेक्शन देने का दावा

अब तक करीब 300 से अधिक उपभोक्ताओं को कनेक्शन दिए जा चुके हैं और अस्थायी स्मार्ट प्रीपेड मीटर के जरिए बिजली उपलब्ध कराने का काम चल रहा है.

हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि मीटर लगाने के बाद भी कई इलाकों में नियमित बिजली आपूर्ति नहीं हो रही है और दिन में सीमित घंटे ही बिजली मिल रही है. विद्युत निगम के अधिकारियों ने आपूर्ति संबंधी शिकायतों को दुरुस्त करने की बात कही है.

लिखित आश्वासन तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

पिछले दिनों विद्युत निगम के अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत हुई, लेकिन आंदोलनकारियों के मुताबिक कोई ऐसा लिखित समाधान सामने नहीं आया, जिसके आधार पर धरना समाप्त किया जा सके. यही वजह है कि प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर कायम हैं.

सुखवीर खलीफा ने साफ कहा है कि लिखित आश्वासन मिलने तक धरना और आमरण अनशन खत्म नहीं किया जाएगा. फिलहाल पांच महिलाओं के अस्पताल में भर्ती होने के बाद प्रशासन और विद्युत निगम के सामने आंदोलनकारियों से बातचीत कर समाधान निकालने की चुनौती और बढ़ गई है.

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