Quick Samachar: Noida Authority Encroachment Action: उत्तर प्रदेश के नोएडा के यमुना और हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे अवैध निर्माण को लेकर नोएडा प्राधिकरण अब सख्त रुख अपने जा रहा है. नदी के अस्तित्व और बाढ़ सुरक्षा को देखते हुए प्राधिकरण ने अवैध रूप से बने फार्म हाउस, पक्के मकान, रिसोर्ट, स्विमिंग पूल और अन्य निर्माणों को हटाने की तैयारी शुरू कर दी है. नोएडा प्राधिकरण की ओर से संबंधित लोगों को 20 जून तक अवैध निर्माण को खुद से हटाने का अल्टीमेट दिया गया है. तय समय सीमा के बाद प्राधिकरण की टीम बुलडोजर कार्रवाई कर अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का काम करेगी.

यमुना नदी के किनारे नोएडा के कई इलाकों में बड़े स्तर पर अवैध निर्माण सामने आए हैं. इनमें मुख्य रूप से सेक्टर 94, 124, 125, 127, 128, 131, 133, 134, 135, 150 और 168 के आसपास का क्षेत्र शामिल बताया जा रहा है. वहीं, हिंडन नदी की तरफ छिजारसी से प्रवेश करते हुए सेक्टर 63 ए, बहलोलपुर, शहदरा सुथियना गढ़ी, चौखंडी सेक्टर 123, 118, 115, 143, 148 और 150 के आसपास डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण किए गए. इन इलाकों में कई सालों के दौरान धीरेधीरे फार्म हाउस, पक्के ढांचे और अन्य निर्माण खड़े किए गए.
यमुनाहिंडन किनाेर बढ़े अवैध कब्जे
जानकारी के अनुसार, पिछले कई सालों में यमुना और हिंडन नदी के किनारे खाली पड़ी जमीनों पर अवैध कब्जे बढ़े है. पहले छोटेमोटे निर्माण किए गए. इसके बाद धीरेधीरे कई जगहों पर बड़े फार्म हाउस, बाउंड्री वॉल, कमरे, रिसॉर्ट और स्विमिंग पूल तक बना दिए गए. बाढ़ के दौरान डूब क्षेत्र में पानी भरने से यहां रहने वाले लोगों को खतरे का सामना करना पड़ता है. अधिकारियों का कहना है कि नदी के रूप क्षेत्र में स्थाई निर्माण की अनुमति नहीं होती. क्योंकि इससे नदी का प्राकृतिक बहाव प्रभावित होता है और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है.
प्राधिकरण के सीईओ ने क्या कहा?
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ करुणा करूणेश ने बताया कि यमुना और हिंडन डूब क्षेत्र प्राधिकरण का नोटिफाइड क्षेत्र है और यहां किसी को भी किसी भी प्रकार का स्थाई अवैध निर्माण पूरी तरह प्रतिबंध है. सभी अवैध निर्माणों को चिन्हित कर हटाने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने वर्क सर्किल 46789 और 10 के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं हुई तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
चार दिनों का अल्टीमेट
उनका यह भी कहना है कि चार दिन के अंदर अगर खुद से अवैध निर्माण नहीं हटाया गया, तो उसके बाद प्राधिकरण बुलडोजर चलाकर बड़े स्तर पर ध्वस्तीकरण का काम करेगा.
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