
दोपहर का वक्त था। सब कुछ सामान्य चल रहा था कि तभी एक व्यक्ति के मोबाइल पर एक कॉल आई।
दूसरी तरफ से सिर्फ इतना कहा गया—
“अगर सच देखना है, तो अभी होटल पहुंच जाओ… तुम्हारी पत्नी किसी और के साथ कमरे में है।”
यह सुनते ही उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। गुस्से और शक ने उस पर ऐसा कब्जा किया कि उसने एक पल भी नहीं सोचा। वह कुछ लोगों को साथ लेकर सीधे होटल की ओर निकल पड़ा।
होटल पहुंचते ही उसकी नजर एक युवक पर पड़ी, जो बाहर निकल रहा था। उस समय उसके दिमाग में सिर्फ एक ही बात थी—यही उसकी पत्नी का प्रेमी है।
बिना कुछ पूछे, बिना सच्चाई जाने, उसने युवक को पकड़ लिया।
होटल के बाहर देखते ही देखते हंगामा मच गया। युवक सफाई देता रहा कि उसका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी।
कुछ ही देर में उसे जबरन वहां से ले जाया गया।
इसके बाद जो हुआ, उसने हर किसी को झकझोर दिया।
एक सुनसान जगह पर युवक पर लोहे की रॉड से हमला किया गया। वह दर्द से चीखता रहा, खुद को निर्दोष बताता रहा, लेकिन गुस्से में किसी ने उसकी बात नहीं सुनी। मारपीट इतनी बेरहमी से हुई कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
इसी बीच किसी ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो मामला पुलिस तक पहुंच गया। पुलिस ने जांच शुरू की और होटल में मौजूद लोगों से पूछताछ की।
फिर धीरे-धीरे परतें खुलनी शुरू हुईं…
जांच में सामने आया कि जिस युवक को प्रेमी समझकर पीटा गया था, उसका कथित प्रेम संबंध से कोई लेना-देना ही नहीं था। वह किसी दूसरे काम से होटल पहुंचा था और वहां मौजूद एक महिला ने उससे बाहर निकलने में मदद मांगी थी। उसी समय गुस्से में वहां पहुंचे पति ने उसे गलतफहमी में पकड़ लिया।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।
पूछताछ के दौरान पत्नी ने जो बयान दिया, उसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया।
उसने बताया कि जिस युवक की पिटाई हुई, वह उसका प्रेमी नहीं था। वह किसी और व्यक्ति से मिलने होटल गई थी और असली शख्स मौके से पहले ही निकल चुका था। गलतफहमी का शिकार एक निर्दोष युवक बन गया।
अब पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। वायरल वीडियो, होटल के सीसीटीवी फुटेज और सभी संबंधित लोगों के बयान जुटाए जा रहे हैं ताकि यह साफ हो सके कि उस दिन होटल के कमरे में आखिर क्या हुआ था और असली सच्चाई क्या है।
एक फोन कॉल… एक पल का गुस्सा… और बिना सच्चाई जाने लिया गया फैसला।
इस गलतफहमी ने न सिर्फ एक बेगुनाह को अस्पताल पहुंचा दिया, बल्कि कई जिंदगियों को भी सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया।