
एक तरफ कैमरे के सामने सुब्रत का यह बर्फीला अंदाज है तो दूसरी तरफ पिता की अर्थी को कंधा देने और अंतिम संस्कार में दादी के गले लगकर रोने का उसका पाखंड.कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के एक्सक्लूसिव खुलासों के बाद अब इस हत्याकांड की पूरी इनसाइड स्टोरी परत-दर-परत बाहर आ चुकी है.
‘मां परेशान थी, पिता की हरकतों से तंग थे’… बेटे का बेधड़क बयान
कैमरे के सामने सुब्रत ने हत्या की वजह बताते हुए अपने पिता के कैरेक्टर पर गंभीर आरोप लगाए. सुब्रत का कहना है कि पिता के अन्य महिलाओं से अवैध संबंध थे जिससे घर में हमेशा तनाव रहता था और उसकी मां मानसिक रूप से काफी परेशान रहती थीं. इसी वजह से उसे पिता को रास्ते से हटाने का कोई पछतावा नहीं है.
सुब्रत ने कहा कि योजना के मुताबिक काम नहीं हुआ. उसे सिर्फ इस बात का दुख है कि उसके पिता को चाकू से गोदा गया और वे तड़प-तड़पकर मरे. सुब्रत ने माना कि हालात ऐसे बन गए कि उसकी पत्नी शालू को भी इस पूरे मामले में घसीटा गया जिसका उसे मलाल है.
अर्थी को कंधा और दादी से लिपटकर रोने का ढोंग
हत्याकांड के बाद सुब्रत ने पुलिस और समाज की आंखों में धूल झोंकने के लिए ड्रामेबाजी की सारी हदें पार कर दी थीं. विनीत मिनोचा के अंतिम संस्कार के दौरान सुब्रत अपने पिता की अर्थी को कंधा दे रहा था.अपने ही पिता का कत्ल करवाने के बाद सुब्रत अपनी दादी (विनीत मिनोचा की मां) के गले लगकर फूट-फूटकर रो रहा था और उन्हें दिलासा दे रहा था ताकि किसी को उस पर शक न हो.
पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल का खुलासा
कानपुर पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, सुब्रत और उसके साथी विशाल ने मिलकर इस पूरी साजिश का ताना-बाना बुना था. पुलिस की जांच में सामने आया कि सुब्रत ने जानबूझकर शालू से गार्ड को फोन करवाया और हत्या के लिए इस्तेमाल किए गए नंबर से भी शालू के जरिए ही कॉल करवाए गए ताकि पुलिस का ध्यान भटक जाए.
विशाल का बयान और कस्टडी पूछताछ
पुलिस रिमांड मिलने के बाद जब सभी आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई. तब कई घंटों की सख्ती के बाद सुब्रत ने पूरी साजिश कबूल की.पुलिस ने साफ किया है कि विशाल बार-बार शालू का नाम लेता रहा.फिलहाल साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है और शालू को क्लीन चिट नहीं दी गई है.
5 सितंबर की रात का खौफनाक प्लान
पुलिस पूछताछ और सुब्रत के कथित कन्फेशन वीडियो से 5 सितंबर की रात की वारदात का सच सामने आ गया. सुब्रत ने घर की ओरिजिनल चाबी से डुप्लीकेट चाबी बनवाई थी. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। 5 सितंबर की रात जब परिवार बाहर जाने वाला था तो साथी को चाबी देकर कमरे में छिपा दिया गया. योजना यह थी कि विनीत मिनोचा के सो जाने पर एक आरोपी पैर पकड़ेगा और दूसरा तकिए से मुंह दबाकर हत्या कर देगा. लेकिन वारदात के दौरान धक्का-मुक्की में चाकू का इस्तेमाल हो गया.
पुलिस-आरोपी के सवाल-जवाब
पुलिस द्वारा की गई कड़ी पूछताछ में आरोपी सुब्रत ने अपने वित्तीय दलदल और साजिश का खुलासा कियाय
सवाल: पिता की हत्या क्यों कराना चाहते थे?
जवाब: “पिताजी का कैरेक्टर ठीक नहीं था. कई औरतों से अवैध संबंध थे. डर था कि वे किसी और महिला को घर न ले आएं या अपनी संपत्ति उनके नाम न कर दें.”
सवाल: कितना कर्ज था और किश्त कैसे भरते थे?
जवाब: “मेरे ऊपर लगभग 40 लाख रुपये का कर्ज था. महीने की किश्त 55,000 से 56,000 रुपये जाती थी जबकि पिताजी खर्च के लिए हर महीने सिर्फ 40,000 रुपये देते थे.”
सवाल: बाकी पैसों का इंतजाम कैसे करते थे?
जवाब: “किश्त चुकाने के लिए नया लोन लेता था या क्रेडिट कार्ड स्वाइप करता था. इसके अलावा अपनी ही दुकान से सामान चोरी करवाकर पार करवाता था. मैं माल बाहर पहुंचा देता था या साथी विशाल को अंदर भेजकर चोरी करवाता था.”
फिलहाल पुलिस के पास सुब्रत का कन्फेशन वीडियो,फॉरेंसिक सबूत और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स मौजूद हैं. पुलिस रिमांड के दौरान मिले सबूतों के आधार पर मामले की चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है.