समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का ‘भगवान कृष्ण’ के रूप में एक पोस्टर गुरुवार को रायबरेली में लगाया गया. उनका ये पोस्टर उनके रायबरेली के दौरे से ठीक पहले लगाया गया. इस दौरे में वे पार्टी के ‘PDA रथ’ से आने वाले हैं. SP युवाजन सभा के प्रदेश सचिव एडवोकेट विश्वास दुबे ने मुख्य सड़क पर यह बड़ा बैनर लगाया है. इसमें उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री को भगवान कृष्ण के रूप में दिखाया गया है .

उन्होंने मोर पंख वाला मुकुट और पारंपरिक पीले कपड़े पहने हैं रखे हैं. पोस्टर में वो बांसुरी बजाते हुए नजर आ रहे हैं. साथ ही, स्थानीय पार्टी कार्यकर्ता को सुदामा के रूप में दिखाया गया है. बैनर में अखिलेश यादव को प्रमुखता से “PDA महानायक” बताया गया है और हिंदी में लिखा है, “मेरे माधव, सुदामा की धरती रायबरेली में आपका स्वागत है!”
#WATCH | Uttar Pradesh | Poster depicting SP chief Akhilesh Yadav as Lord Krishna, seen in Raebareli ahead of his visit to Raebareli. pic.twitter.com/LptNcD6hXT
— ANI UP/Uttarakhand September 24, 2026
राहुल लोधी ने क्या कहा?
अखिलेश यादव के आने से पहले इस पोस्टर पर प्रतिक्रिया देते हुए, हरचंदपुर से SP विधायक राहुल लोधी ने इस पौराणिक इमेज का बचाव किया. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी समाज को बांटने की कोशिश कर रही है.
उन्होंने कहा, “बीजेपी की सोच निश्चित रूप से गिरी हुई है. मैं यह जानता हूं और अच्छी तरह समझता हूं. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। मुझे यह भी पता है कि वे समाज में अपनी नीतियां लागू करने की कितनी भी कोशिश कर लें, वे कभी सफल नहीं होंगे. उनके नेता लोगों को भड़काने और जाति के आधार पर बांटने में माहिर हैं. वे अपने स्वार्थ के लिए लोगों को हमेशा आपस में लड़ाते रहेंगे. जहां तक होर्डिंग की बात है, तो द्वापर युग में सुदामा भगवान कृष्ण के साथी थे और उनके साथ रहते थे. यह परंपरा उसी युग से चली आ रही है, इसलिए हमें इससे कोई परेशानी नहीं है.”
यह होर्डिंग तब लगा जब अखिलेश यादव, लखनऊ से रायबरेली में लोधी के घर चाय पर मिलने आ रहे हैं. यह मुलाकात समाजवादी छात्र सभा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं के बीच हाल ही में हुई झड़प के बाद हो रही है. इस झड़प के दौरान लोधी ने आरोप लगाया था कि स्थानीय पुलिसकर्मियों ने उन पर हमला किया. हालांकि जिला पुलिस प्रशासन ने इस आरोप से इनकार किया है.