
बाराबंकी, अमृत विचार: प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ का शुभारंभ रविवार को लोक सभागार, बाराबंकी में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य अंगद कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। शिक्षक निश्चिंत भाव से श्रेष्ठ एवं संस्कारवान विद्यार्थियों का निर्माण कर सकें, इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री द्वारा यह योजना शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि यह योजना अनुदानित महाविद्यालयों के शिक्षकों के साथसाथ स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के शिक्षकों को भी समान रूप से लाभान्वित करेगी।
कार्यक्रम का शुभारंभ एमएलसी अंगद कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक श्रीमती अमिता सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए राकेश कुमार सिंह, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी प्रो. सुधा तथा राजकीय महाविद्यालय हंसौर के प्राचार्य एवं नोडल उच्च शिक्षा प्रो. राणा इंद्रजीत सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
अपने स्वागत संबोधन में जिला विद्यालय निरीक्षक श्रीमती अमिता सिंह ने एमएलसी सहित उपस्थित अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शिक्षकों एवं उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत और सुरक्षा का माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं, इसलिए उन्हें स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से मुक्त रखना आवश्यक है और यह योजना उस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी प्रो. सुधा ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की यह पहल शिक्षकों के हित में ऐतिहासिक कदम है। इससे अब शिक्षक गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक चिंता से मुक्त होकर बेहतर उपचार प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने इस योजना के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।
नोडल उच्च शिक्षा एवं राजकीय महाविद्यालय हंसौर के प्राचार्य प्रो. राणा इंद्रजीत सिंह ने योजना से लाभान्वित होने वाले प्राध्यापकों को बधाई देते हुए इसे राज्य सरकार का दूरदर्शी निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना शिक्षकों के सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा कवच को और मजबूत करेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एमएलसी अंगद कुमार सिंह ने शिक्षा और शिक्षक की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षकों के प्रति बेहद संवेदनशील हैं। यही कारण है कि उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए यह महत्वपूर्ण योजना लागू की गई है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शिक्षक ही बेहतर समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा से मुख्यमंत्री के उद्बोधन का सीधा प्रसारण भी देखा गया।
इस अवसर पर एमएलसी अंगद कुमार सिंह ने योजना के अंतर्गत चयनित शिक्षकों को प्रतीक स्वरूप कैशलेस कार्ड वितरित किए। कार्ड प्राप्त करने वालों में विजय कुमार वर्मा, सुनीता यादव, अनिल कुमार विश्वकर्मा, हेमंत कुमार सिंह, अनीता सिंह, ऋषिकेश कुमार तिवारी, राहुल यादव, आशुतोष सिंह, रीना सिंह, रचना, अनुराग कृष्ण यादव, अज़ीज़ रज़ा, अनिल कुमार श्रीवास्तव, भावेन्द्र कुमार गुप्ता, अभिषेक मौर्य, नेहा सिंह, किरण सिंह, अश्वनी कुमार गुप्ता, वीर विक्रम सिंह, हृषिकेश मिश्रा, अमर जीत सिंह, शैलजा दीक्षित, सुनीत कुमार सिंह, विश्वेश कुमार मिश्रा एवं अखिलेश कुमार वर्मा शामिल रहे।
इसके साथ ही माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों शैलेन्द्र कुमार, जमशेद अहमद, रमेश चंद्र ओझा तथा श्याम नारायण को भी प्रतीकात्मक कैशलेस कार्ड प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन नेशनल इंटर कॉलेज, फतेहपुर के प्रवक्ता आशीष पाठक ने किया।
इस अवसर पर सह नोडल उच्च शिक्षा एवं प्राचार्य सीताराम सिंह, रामनगर पीजी कॉलेज के प्राचार्य कौशलेन्द्र विक्रम मिश्र, पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य नंदिता सिंह, उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के प्रदेश संगठन मंत्री एवं किसान उच्चतर माध्यमिक विद्यालय इस्माइलपुर के प्रधानाचार्य अशोक त्रिपाठी, प्रधानाचार्य परिषद के जिलाध्यक्ष दिनेश चंद्र पाण्डेय, नेशनल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। रामू मौर्य, विनोद कुमार सिंह, संजय श्रीवास्तव, आलोक श्रीवास्तव, डॉ. नन्हे सिंह, कमलेश सिंह सहित लगभग 150 शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।