बारिश में बेजान हो गया है चेहरा? अपनाएं ये आदतें… त्वचा रहेगी हेल्दी और ग्लोइंग!

बारिश में बेजान हो गया है चेहरा? अपनाएं ये आदतें… त्वचा रहेगी हेल्दी और ग्लोइंग!
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देश के कई राज्यों में इस समय मानसून का असर देखने को मिल रहा है. बारिश जहां गर्मी से राहत देती है, वहीं बढ़ी हुई नमी त्वचा से जुड़ी कई समस्याओं की वजह भी बन सकती है. इस मौसम में पसीना, तेल और धूल-मिट्टी त्वचा पर जल्दी जमा हो जाती है. इससे ऑयली स्किन, पिंपल्स, रैशेज, खुजली और फंगल इंफेक्शन जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं. ऐसे में सिर्फ चेहरा धोना ही काफी नहीं है, बल्कि सही स्किनकेयर रूटीन, संतुलित खानपान और साफ-सफाई का ध्यान रखना भी जरूरी है. कुछ आसान आदतें अपनाकर मानसून में भी त्वचा को स्वस्थ, साफ और चमकदार रखा जा सकता है. चलिए जानते हैं कैसे…

मानसून में ऐसे रखें त्वचा का ख्याल
बारिश के मौसम में दिन में दो बार हल्के फेस वॉश से चेहरा साफ करें. इससे त्वचा पर जमा पसीना, अतिरिक्त तेल और गंदगी आसानी से हट जाती है. चेहरा धोने के बाद हल्का मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं, क्योंकि ऑयली स्किन को भी नमी की जरूरत होती है. बाहर निकलते समय सनस्क्रीन लगाना ना भूलें.

अगर ज्यादा पसीना आता है, तो चेहरे को साफ टिश्यू या मुलायम कपड़े से हल्के हाथों से पोंछें. बारिश में भीगने के बाद चेहरा और शरीर साफ पानी से धो लें. साथ ही लंबे समय तक मेकअप लगाए रखने से बचें और रात में सोने से पहले मेकअप पूरी तरह साफ कर लें.

इन गलतियों से करें परहेज
मानसून में गंदे तौलिये, मेकअप ब्रश और तकिए के कवर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. इनमें बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जिससे स्किन इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. बारिश में भीगने के बाद गीले कपड़ों में ज्यादा देर तक न रहें. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। चेहरे पर बार-बार हाथ लगाने या पिंपल्स फोड़ने से भी बचें, क्योंकि इससे संक्रमण और दाग की समस्या हो सकती है. बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी क्रीम या दवा का इस्तेमाल न करें.

डाइट का भी रखें ध्यान
स्वस्थ त्वचा के लिए मौसमी फल, हरी सब्जियां, सलाद, दालें, दही और सूखे मेवे अपनी डाइट में शामिल करें. संतरा, अमरूद और आंवला जैसे विटामिन सी से भरपूर फल त्वचा के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. दिनभर पर्याप्त पानी पीएं और तली-भुनी व ज्यादा मीठी चीजों का सेवन कम करें.

कब लें डॉक्टर की सलाह
अगर त्वचा पर लगातार खुजली, लालपन, रैशेज, सूजन, दर्द, पानी वाले दाने या बार-बार इंफेक्शन हो रहा है, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना जरूरी है. वहीं, यदि पिंपल्स लगातार बढ़ रहे हों या घरेलू देखभाल के बाद भी समस्या ठीक न हो, तो समय रहते डॉक्टर से जांच कराना बेहतर रहता है. इससे त्वचा की परेशानी गंभीर होने से बच सकती है.

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