
बिहार के मशरख में स्कूल जाने के लिए घर से निकली 14 साल की छात्रा अचानक गायब हो गई. कुछ ही देर बाद पता चला कि उसे कथित तौर पर दो युवक जबरन चारपहिया वाहन में बैठाकर ले गए हैं. परिवार में हड़कंप मच गया. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। तलाश शुरू हुई तो पुलिस को संदिग्ध वाहन का सुराग मिला. दो युवकों को पकड़ा गया और उनकी निशानदेही पर जब निर्माणाधीन मकान की तलाशी ली गई तो वहां जो मिला, उसे देखकर हर कोई सन्न रह गया.
मामला सारण जिले के मशरक नगर पंचायत क्षेत्र का है. छात्रा को पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर लिया है. मामले में मशरक बाजार निवासी दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है.जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह छात्रा स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी. इसी दौरान चारपहिया वाहन सवार दो युवकों ने कथित तौर पर उसे जबरन गाड़ी में बैठा लिया और तरैया की ओर निकल गए.
घटना पर छात्रा के पड़ोसी युवक नीरज कुमार की नजर पड़ गई. उसने बच्ची को वाहन में ले जाते देखा तो तत्काल उसके परिजनों को फोन किया और खुद साइकिल से गाड़ी का पीछा शुरू कर दिया. नीरज वाहन का पीछा करते हुए मुन्नी मोड़ तक पहुंचा. लेकिन गाड़ी तेज रफ्तार में आगे निकल गई. इसके बाद उसने छात्रा के दादा राजनारायण राय को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी.
पुलिस को मिला वाहन का सुराग
बच्ची के गायब होने की खबर मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग उसकी तलाश में जुट गए. देर शाम तक ढूंढते रहे और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को भी सूचना दी गई.
इसके बाद 112 की गश्ती पुलिस को जानकारी मिली कि संदिग्ध वाहन मशरक रेलवे ढाला के पूरब कृष्णा होटल के पास रुका हुआ है. पुलिस और परिजन तत्काल वहां पहुंचे. होटल संचालक से पूछताछ के बाद पुलिस ने दो युवकों को पकड़ लिया. इसके बाद उनसे पूछताछ की गई.
निशानदेही पर निर्माणाधीन मकान में पहुंची पुलिस
पुलिस को पूछताछ में छात्रा के ठिकाने का पता चला. इसके बाद पास के एक निर्माणाधीन मकान में तलाशी अभियान चलाया गया और फिर सामने आया इस पूरी घटना का सबसे चौंकाने वाला दृश्य. वहां एक बड़े बक्से के अंदर छात्रा बंद मिली.
पुलिस ने बच्ची को बक्से से बाहर निकाला और सुरक्षित बरामद कर लिया. छात्रा ने पुलिस को अपने साथ छेड़खानी किए जाने की बात बताई है. वहीं, मामले में छात्रा के दादा के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस गिरफ्तार दोनों युवकों से पूछताछ कर रही है.
रेस्टोरेंट तक ले जाने का भी आरोप
एफआईआर में रेलवे ढाला के दूसरी ओर स्थित कृष्णा रेस्टोरेंट का भी जिक्र है. छात्रा के दादा के अनुसार, बच्ची की तलाश के दौरान परिजन रेस्टोरेंट पहुंचे थे.एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि छात्रा को रेस्टोरेंट ले जाकर उसके साथ छेड़खानी की गई. जब परिजनों ने रेस्टोरेंट संचालक से बच्ची के बारे में पूछा तो उसने किसी लड़की के वहां आने से इनकार किया और परिजनों को वहां से डांटकर भगा दिया.
पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि छात्रा को कहां-कहां ले जाया गया तथा घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे.
एक युवक ने पीछा नहीं छोड़ा, बच गई बच्ची
इस घटना में नीरज कुमार की तत्परता बेहद अहम रही. बच्ची को जबरन वाहन में बैठाकर ले जाते देखकर उसने अपनी साइकिल से वाहन का पीछा किया और लगातार परिवार को जानकारी देता रहा.
अगर नीरज ने समय रहते परिवार को सूचना नहीं दी होती तो पुलिस तक घटना की जानकारी पहुंचने में देरी हो सकती थी. उसकी सूचना के बाद परिजन सक्रिय हुए और पुलिस ने भी तत्काल कार्रवाई शुरू की.उसकी इसी हिम्मत और सूझबूझ की स्थानीय लोग सराहना कर रहे हैं.
बिहार में बेटियां कितनी सुरक्षित?
मशरक की इस घटना ने एक बार फिर बिहार में बच्चियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है.सोचिए, एक बच्ची स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी. रास्ते से कथित तौर पर उसे जबरन कार में बैठाया गया और कुछ देर बाद वह एक निर्माणाधीन मकान में रखे बक्से के अंदर बंद मिली.
ये सवाल इसलिए भी गंभीर हैं क्योंकि बिहार में हाल के दिनों में बच्चियों और छात्राओं से जुड़ी कई आपराधिक घटनाओं ने अभिभावकों की चिंता बढ़ाई है.बेटियां स्कूल जाएं तो रास्ते में सुरक्षित रहें, यह किसी परिवार की मांग नहीं, बल्कि बुनियादी सुरक्षा की जरूरत है.
मशरक में बच्ची बरामद हो गई, दो आरोपी गिरफ्तार हो गए और अब पुलिस जांच कर रही है. लेकिन इस घटना ने एक बड़ा सवाल जरूर छोड़ दिया है, आखिर स्कूल जाने वाली बेटियों की सुरक्षा के लिए व्यवस्था कितनी तैयार है?