रक्षा मंत्रालय ने लगभग 1 लाख करोड़ रुपए की कीमत वाले नए मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट खरीदने के लिए टेंडर जारी किए हैं. इससे एक कॉम्पिटिटिव प्रोसेस शुरू हो गया है, जिसमें अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी लॉकहीड मार्टिन और ब्राज़ीलियाई एयरक्राफ्ट बनाने वाली कंपनी एम्ब्रेयर के बीच कड़ी टक्कर होने की उम्मीद है. ये टेंडर कम से कम चार भारतीय रक्षा कंपनियों को जारी किए गए हैं. ये कंपनियां किसी ग्लोबल ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर के साथ मिलकर 60 एयरक्राफ्ट बनाने के प्रोग्राम में लीड करेंगी. जिन भारतीय कंपनियों को इसमें शामिल होने के लिए बुलाया गया है, उनमें टाटा, अडानी, महिंद्रा और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड शामिल हैं.

क्या है सरकार का प्लान
प्लान के मुताबिक, भारतीय कंपनियां एयरफोर्स की जरूरतों के लिए बोली लगाएंगी. इसके बाद टेक्निकल ऑडिट, ट्रायल और टेक्नोकमर्शियल ऑफर के आधार पर फाइनल सिलेक्शन होगा. प्रोजेक्ट के बड़े पैमाने को देखते हुए इस प्रोसेस में दो साल से ज्यादा का समय लग सकता है. एयरफोर्स की टेक्निकल जरूरतों की वजह से कॉम्पिटिशन दो तरह के एयरक्राफ्ट लॉकहीड मार्टिन C 130J और एम्ब्रेयर के C 390 तक सीमित रहने की संभावना है. लॉकहीड मार्टिन ने टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड को अपना भारतीय पार्टनर चुना है. टाटा पहले से ही एयरफोर्स के लिए भारत में C 295 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट बना रही है.
लोकल कंपनियों के साथ पार्टनरशिप
एम्ब्रेयर ने पहले MTA प्रोग्राम के लिए महिंद्रा के साथ पार्टनरशिप की घोषणा की थी, लेकिन अब माना जा रहा है कि वह अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस पर भी विचार कर रही है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। यह पार्टनरशिप और मजबूत हो सकती है, क्योंकि एम्ब्रेयर और अडानी ने हाल ही में सिविलियन पैसेंजर एयरक्राफ्ट बनाने के लिए एक समझौते की घोषणा की है. MTA, आर्म्ड फोर्स की स्ट्रैटेजिक, टैक्टिकल और ऑपरेशनल एयरलिफ्ट जरूरतों को पूरा करने के लिए AN32 और IL76 ट्रांसपोर्ट फ्लीट की जगह लेगा. एयरबसटाटा C 295 के बाद, यह भारत में शुरू होने वाली दूसरी बड़ी मिलिट्री एयरक्राफ्ट लाइन होगी.