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Health

भूख की कमी और पेट दर्द से हैं परेशान? कहीं सुबह की ढेर सारा पानी पीने वाली आदत तो नहीं जिम्मेदार?

भूख की कमी और पेट दर्द से हैं परेशान? कहीं सुबह की ढेर सारा पानी पीने वाली आदत तो नहीं जिम्मेदार?

Morning Water Side Effects: आज के दौर में स्वस्थ रहने के लिए सुबह उठते ही ढेर सारा पानी पीने का चलन काफी बढ़ गया है। कोई तांबे के बर्तन में रखे पानी की सलाह देता है तो कोई चांदी के। हालांकि आयुर्वेद के अनुसार बिना सोचे-समझे और बिना प्यास के सुबह-सुबह बहुत अधिक पानी पीना फायदे के बजाय आपकी सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सुबह की यह एक गलती आपके पूरे दिन के पाचन और ऊर्जा स्तर को प्रभावित कर सकती है।

पाचन पर पड़ सकता है असर

आयुर्वेद के अनुसार सुबह के समय हमारे शरीर की पाचन अग्नि स्वाभाविक रूप से मंद होती है। जब हम उठते ही 1-2 लीटर पानी पी लेते हैं तो यह उस मंद अग्नि को और अधिक शांत कर देता है। इसका सीधा परिणाम यह होता है कि इसके बाद नाश्ते में लिया गया आहार ठीक से पचने के बजाय पेट में सड़ने लगता है। भोजन के सही ढंग से न पचने के कारण शरीर में पेट से जुड़ी समस्या बढ़ जाती है जिससे शरीर को उचित पोषण नहीं मिल पाता और कब्ज जैसी परेशानियां शुरू हो जाती हैं।

भारीपन और भूख में कमी

जरूरत से ज्यादा पानी पीने से शरीर पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। इसके कारण पेट में भारीपन की शिकायत बनी रहती है और व्यक्ति को समय पर भूख नहीं लगती। बहुत से लोगों को खाली पेट अधिक पानी पीने की वजह से पेट दर्द और उल्टी जैसा महसूस होने लगता है। सुबह-सुबह जबरदस्ती 1 या 2 लीटर पानी पीने की कोशिश न करें।

पानी पीने का सही तरीका

पानी पीने के कुछ विशेष नियम हैं जिनका पालन करना अनिवार्य है।

  • प्यास के अनुसार पिएं: हमेशा अपनी प्रकृति और प्यास के अनुसार ही पानी पिएं।
  • बैठकर और घूंट-घूंट करके पिएं: कभी भी खड़े होकर पानी न पिएं क्योंकि इससे पाचन शक्ति पर बुरा प्रभाव पड़ता है। हमेशा बैठकर घूंट-घूंट करके पानी पीना चाहिए।
  • गुनगुना पानी है बेहतर: सुबह के समय हल्का गुनगुना पानी पीना अधिक लाभकारी होता है।
  • मौसम का रखें ध्यान: सर्दियों में पूरे दिन गुनगुना पानी लिया जा सकता है जबकि गर्मियों में सामान्य तापमान का पानी पीना चाहिए। गर्मी के मौसम में पानी की मात्रा बढ़ाई जा सकती है लेकिन अन्य मौसमों में अत्यधिक पानी पीने से बचना चाहिए।

अपनी दिनचर्या में पानी की मात्रा को अचानक बढ़ाने के बजाय धीरे-धीरे बढ़ाएं और हमेशा अपने शरीर के संकेतों को सुनें।

hi.quicksamachar@gmail.com

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