‘मरना है तो मरो, बस नहीं रोकेंगे…’, यमुना एक्सप्रेसवे बस हादसे पर बड़ा खुलासा, केबिन में बीड़ी पी रहे थे ड्राइवर-कंडक्टर​​

‘मरना है तो मरो, बस नहीं रोकेंगे…’, यमुना एक्सप्रेसवे बस हादसे पर बड़ा खुलासा, केबिन में बीड़ी पी रहे थे ड्राइवर-कंडक्टर​​
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Noida News: दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जा रही राज कल्पना ट्रेवल्स की स्लीपर एसी बस (BR32PA8647) में यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात हुए भीषण अग्निकांड में चौकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं. इस हादसे में जिंदा जले 9 यात्रियों की दर्दनाक मौत के पीछे ड्राइवर और कंडक्टर की लापरवाही की बात सामने आई है. यात्री सुनील कुमार की तहरीर पर जेवर थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर चालक व परिचालक को हिरासत में ले लिया है.

FIR के मुताबिक, बस में करीब 30-35 यात्री सवार थे. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। रात करीब 11:30 बजे जब बस जेवर क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे के 33वें किलोमीटर के पास पहुंची, तो केबिन की ओर से इंजन से जलने की तेज बदबू आने लगी. यात्रियों ने जब चालक और परिचालक को खतरे से आगाह करते हुए बस रोकने की विनती की, तो उन्होंने इसे बेहद गैर-जिम्मेदाराना ढंग से खारिज कर दिया. आरोपी हंसते रहे और बीड़ी-सिगरेट पीते हुए सवारियों को धमकाने लगे कि “ऐसी बदबू आती रहती है, मरना है तो मरो, बस नहीं रोकेंगे”.

लपटें उठीं तो मची भगदड़, खिड़कियां तोड़कर कूदे लोग

लापरवाही के कुछ ही मिनटों बाद ड्राइवर सीट के पास से अचानक आग की भयानक लपटें उठने लगीं और देखते ही देखते पूरी बस में काला धुआं भर गया. चश्मदीद यात्री रिंकी राजपूत ने बताया कि जब उनकी आंख खुली तो चारों ओर धुआं था और लोग बाहर निकलने के लिए एक-दूसरे को धक्का दे रहे थे. यात्रियों ने खिड़कियां तोड़कर किसी तरह कूदकर अपनी जान बचाई. हालांकि, धुएं और आग के कारण 9 लोग अंदर ही फंसे रह गए और जिंदा जलकर उनकी मौत हो गई.

दो मृतकों की हुई पहचान, घायल अस्पताल में भर्ती

अग्निकांड में मारे गए 9 लोगों में से दो मृतकों की शिनाख्त हो चुकी है. एक देवेंद्र भारद्वाज निवासी हिसार (हरियाणा). इनकी पत्नी रेखा भारद्वाज गंभीर रूप से झुलसी हैं और आरोग्य अस्पताल में उनका इलाज जारी है. दूसरे हरिशरण गुप्ता निवासी उरई (उत्तर प्रदेश). अन्य मृतकों की शिनाख्त के प्रयास जेवर पुलिस द्वारा किए जा रहे हैं.

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5 दमकल गाड़ियों ने 45 मिनट में बुझाई आग

सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियां और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और करीब 45 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. प्रारंभिक जांच में एसी में स्पार्क होने के बाद इंजन के मोबिल/लुब्रिकेंट ऑयल में आग लगने की आशंका जताई जा रही है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लेते हुए घायलों के समुचित इलाज और मृतकों के आश्रितों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है.

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