मरना है तो मरो बस नहीं रोकेंगे-बीड़ी/सिगरेट पीते रहे और हंसते रहे, Greater Noida बस हादसे में ड्राइवर और कंडक्टर की लापरवाही, 5 बड़ी बातें​​

मरना है तो मरो बस नहीं रोकेंगे-बीड़ी/सिगरेट पीते रहे और हंसते रहे, Greater Noida बस हादसे में ड्राइवर और कंडक्टर की लापरवाही, 5 बड़ी बातें​​
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यमुना एक्सप्रेसवे पर राज कल्पना ट्रैवल्स की बस में आग लगने से 9 यात्रियों की मौत के मामले में FIR में हादसे से पहले की पूरी घटनाक्रम का जिक्र किया गया है. जेवर थाने में दर्ज FIR के मुताबिक, बस में सवार यात्रियों ने ड्राइवर कैबिन की तरफ से जलने जैसी बदबू आने की जानकारी चालक और परिचालक को दी थी. आरोप है कि इसके बावजूद बस को तुरंत रोककर जांच नहीं की गई.

शिकायतकर्ता सुनील कुमार के मुताबिक, 23 सितंबर 2026 की रात करीब 9 बजे वह दिल्ली के कश्मीरी गेट से राज कल्पना ट्रैवल्स की बस नंबर BR32PA8647 में सवार हुए थे. उन्हें राठ जाना था. FIR के अनुसार, बस में करीब 30 से 35 यात्री थे. रात करीब 11:30 बजे जब बस यमुना एक्सप्रेसवे पर नोएडा से आगरा जाने वाले मार्ग में किलोमीटर 33 के पास पहुंची, तभी ड्राइवर कैबिन की तरफ से जलने जैसी गंध आने लगी.

घटना के बाद क्या बातें निकलकर सामने आई

1. FIR में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि बस में मौजूद कुछ यात्रियों ने चालक और परिचालक को जलने जैसी बदबू आने की जानकारी दी थी. आरोप के मुताबिक, चालक ने इस बात को गंभीरता से नहीं लिया और कथित तौर पर कहा कि बस में ऐसी बदबू आती रहती है. शिकायत में कहा गया है कि इसके बावजूद चालक ने बस को तुरंत रोककर स्थिति की जांच नहीं की.

2. FIR में यह भी आरोप है कि चालक और परिचालक अपने कैबिन में बीड़ी या सिगरेट पीते रहे. शिकायत के मुताबिक, कुछ ही देर बाद ड्राइवर सीट के पास से अचानक तेज आग की लपटें निकलने लगीं. इसके बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और उन्होंने चालक से बस रोकने के लिए कहा.

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3. शिकायतकर्ता का आरोप है कि उस समय चालक और परिचालक आपस में हंस रहे थे और यात्रियों को धमकाते हुए कथित तौर पर कहा, “मरना है तो मरो, बस नहीं रोकेंगे.” इसके बाद आग तेजी से बस के दूसरे हिस्सों में फैल गई और देखते ही देखते बस के अंदर धुआं भर गया.

4. FIR के मुताबिक, बस रुकने के बाद सुनील कुमार और दूसरे यात्रियों ने किसी तरह बाहर निकलने की कोशिश की. सुनील कुमार समेत कई यात्री बस से कूदकर बाहर निकलने में सफल रहे. हालांकि, कुछ यात्री आग और घने धुएं की वजह से बस के अंदर ही फंस गए और बाहर नहीं निकल सके. हादसे में कई यात्री गंभीर रूप से झुलस गए. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। घायलों को इलाज के लिए कैलाश अस्पताल, जेवर ले जाया गया.

5. इस बस पर 19 चालान हुए थे, जिनका कुल फाइन 1.75 लाख रुपये बनता है. इसके बावजूद ये बस आराम से सड़कों पर दौड़ रही थी. ज्ञात हो कि इस हादसे में 9 लोगों की मौत हुई है.

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