Quick Samachar: Lucknow Coaching Fire: उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले के अलीगंज में हुए एक कोचिंग सेंटर में अग्निकांड का मामला सामने आया है। लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड में 15 मौतों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल प्रभाव से एक विशेष जांच दल गठित करके 7 दिनों के भीतर जांच की रिपोर्ट प्राप्त की मांग की है। वहीं दुसरी तरफ 4 अफसरों को फौरन सस्पेंड करके उनके खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है। इधर पुलिस ने एक्शन में बदलाव करते हुए 6 आरोपियो पर गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज करके 4 आरोपियो को अपनी हिरासत में लिया है। इसके साथ ही 2 अन्य लोगों की तलाश जारी है।

4 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव किया सस्पेंड
आपको बता दें, कि कानपुर के चार जोनों में 22 कोचिंग सेंटरस को चिन्हित करके उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। बता दें कि इनमें से 5 प्रतिष्ठानों को केडीए अधिकारियों ने सील कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी ने हादसे पर सख्ताई को अपनाते हुए बिजली विभाग, अग्निशमन विभाग और लखनऊ विकास प्राधिकरण के 4 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक सस्पेंड हुए अधिकारियों के नामों में बिजली विभाग के जानकीपुरम के XEN कलेक्शन गौरव कुमार, इंदिरा नगर के फायर अफसर कमलेन्द्र कुमार सिंह, अनिल कुमार, प्रमोद पांडे शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी के दिए गए निर्देशो के अनुसार चारो अफसरों की किसी भी तरह की लापरवाही सामने आई तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाही की जाएगी।
जिम्मेदार लोगों पर एफआईआर दर्ज
मीडिया से बात करते हुए सहायक पुलिस आयुक्त शशि प्रकाश मिश्रा ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 110,105,125,3 इतना ही नही बल्कि उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम की धारा 6/10 के तहत 6 नामजद आरोपियों और उनके साथ अन्य जिम्मेदार लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। गिरफ्तार आरोपियों में मकान मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, पशुओं की दुकान का मालिक रामकृष्ण उपाध्याय, एनिमेशन सेंटर का मालिक तुषांक जायसवाल और IT कंपनी के संचालक सुरेश साहू शामिल है।
लोगों को छत से कूद कर बचानी पड़ी जान
तुषांक जायसवाल ने मीडिया को बताया कि सबसे ज्यादा लोग उनके एनिमेशन सेंटर में हादसे का शिकार हुए है। जो लोग अंदर आग में फंसे हुए थे, तो उन सभी लोगों को छत से कूद कर अपनी जान बचानी पड़ी थी। तुषांक के एनिमेशन सेंटर का नाम हेड हॉपर्स स्टूडियोज था, जो बाद में हेक्सर स्डूडियोज हो गया था। मिली जानकारी के मुताबिक, चारों गिरफ्तार आरोपी मकान के जॉइंट ऑनर हैं। इमारत को रिहायशी के लिए मंजूर कराया गया था, लेकिन अवैध तरीके से कमर्शियल वर्क के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। बताते चले कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर भी एक्शन लेने की तैयारी है और इस मामले में भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
पीएम मोदी सरकार ने दिया मुआवजा
बता दें कि के अलीगंज में 3 मंजिला इमारत में लगी आग में झुलसने से 15 लोगों की मौत हो गई और 9 लोग घायल हो गए। प्रधानमंत्री मोदी ने हादसे में 15 लोगों की मौत पर दुख जताया और उन्होंने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 22 लाख रुपये और घायलों को 5050 हजार रुपये मुआवजा देने का ऐलान भी किया। मुख्यमंत्री ने भी मृतकों के परिजन को 55 लाख और घायलों को 5050 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल पर पहुंचकर हालातों का जायजा लिया।
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