उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा है. अखिलेश ने ट्वीट कर कहा, ‘मुंह नुचुआ’ तो सुना था अब ‘चुनाव मुचुआ’ आ गए हैं. अब एक देश का एक मत…भ्रष्ट ‘मुचुआ’ दें त्यागपत्र! बाकी मतलब समझने के लिए GenZ और जागरूक हो चुकी जनता बहुत समझदार है.

बता दें कि जब से अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने चुनाव आयोग में अनबन और दो चुनाव आयुक्तों की अनदेखी को लेकर खुलासा किया है, तब से ज्ञानेश कुमार निशाने पर आ गए हैं. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। यह मुद्दा देश की सियासत में पूरी तरह से गरमा गया है. चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं. विपक्षी लगातार निशाना साध रहे हैं. उनके हटाए जाने की मांग कर रहे हैं.
मुँह नुचुआ तो सुना था अब चुनाव मुचुआ आ गये हैं।
अब एक देश का एक मत
भ्रष्ट मुचुआ दें त्यागपत्र!बाक़ी मतलब समझने के लिए जेन ज़ी और जागरूक हो चुकी जनता बहुत समझदार है।
— Akhilesh Yadav September 24, 2026
अखिलेश का यह ट्वीट भी एक तरह से चुनाव आयोग और सीईसी की साख पर सीधा हमला है. अखिलेश ने कल यानी बुधावार को भी चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधा था. अखिलेश ने कहा कि 10 महीनों में 14 बार कई अधिकारियों ने अपनी आपत्ति दर्ज करवाई. चुनाव आयोग किसके खिलाफ अपना काम कर रहा था? जो निष्पक्ष संस्था है वो भी निष्पक्ष नहीं रही.
‘सत्ता की कठपुतली बनकर लोकतंत्र को धोखा देना अपराध’
अखिलेश ने कहा कि इसका सीधा मतलब ये है कि सभी चुनाव आयुक्त अपना सही काम नहीं कर पा रहे हैं. एक स्वतंत्र निकाय के सदस्यों को अगर न्यायपूर्ण कार्य करने की स्वतंत्रता नहीं है या उनकी कोई सुनवाई नहीं है तो ये लोकतंत्र के लिए बेहद घातक और खतरनाक हालात हैं.
सपा चीफ ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा सत्ता की कठपुतली बनकर लोकतंत्र को धोखा देना घोर सांविधानिक अपराध है. ये लोकतंत्र को मिटाने के किसी षड्यंत्र से कम नहीं है. अखिलेश ने ये भी कहा कि सर्वोच्च न्यायालय इस पर स्वत: संज्ञान ले.
‘मुंहनोचवा’ शब्द कहां से आया?
अब ‘मुंहनोचवा’ को भी जान लीजिए. दरअसल, ये शब्द 1990 और 2000 के दशक में काफी प्रचलित था, खासकर बिहार और यूपी में. उस समय लोगों के बीच एक अजीब दहशत फैल गई थी कि कोई ऐसा आएगा जो मुंह नोच लेगा. शाम होतेहोते लोग अपने घरों में कैद हो जाते थे.