मुख्तार अंसारी गैंग के 80 शस्त्र विलेखों की जांच के लिए SIT गठित, फर्जी लाइसेंस मामले में होगी पड़ताल

मुख्तार अंसारी गैंग के 80 शस्त्र विलेखों की जांच के लिए SIT गठित, फर्जी लाइसेंस मामले में होगी पड़ताल
मुख्तार अंसारी गैंग के 80 शस्त्र विलेखों की जांच के लिए SIT गठित, फर्जी लाइसेंस मामले में होगी पड़ताल

लखनऊ। मुख्तार अंसारी के गैंग आईएस191 से जुड़े शस्त्र लाइसेंसों में कथित फर्जीवाड़े की जांच अब विशेष जांच दल करेगा। वाराणसी जोन के डीआईजी ने गाजीपुर के अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है, जो गायब मिले करीब 80 शस्त्र विलेखों और लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों की जांच करेगी। अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान मुख्तार गैंग के सदस्यों द्वारा शस्त्रों की खरीदबिक्री से जुड़े दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन कराया गया। इसमें शस्त्र लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं सामने आई हैं।

43 लोगों के लाइसेंस और दस्तावेजों की होगी जांच

जांच के दायरे में 43 व्यक्ति हैं, जिनमें मुख्तार अंसारी परिवार के पांच सदस्य, गैंग के 11 सदस्य और 27 अन्य कथित फर्जी लाइसेंसधारक शामिल हैं। इन लोगों से जुड़े करीब 80 शस्त्रों के क्रयविक्रय विलेखों की जांच की जाएगी। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गाजीपुर कलेक्ट्रेट के शस्त्र लिपिक और प्रभारी शस्त्र अधिकारी द्वारा तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना कुछ शस्त्र लाइसेंस जारी किए गए थे।

कलेक्ट्रेट के अधिकारियों और कर्मचारियों की भी जांच

SIT अब गाजीपुर कलेक्ट्रेट के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच करेगी। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि शस्त्र लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में किस स्तर पर अनियमितताएं हुईं और इसमें कौनकौन लोग शामिल थे।

कई लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR

मामले में सांसद अफजाल अंसारी समेत कई लोगों के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एसआईटी जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस और दस्तावेजों से जुड़े मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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