Moradabad Triple Talaq Case: मुरादाबाद जनपद में तीन तलाक कानून के तहत जिले में सजा का पहला ऐतिहासिक मामला सामने आया है. एडीजे01 अनिल कुमार की अदालत ने पांच साल पुराने एक चर्चित मामले में अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी पति वाजिद हुसैन को दोषी ठहराया है.

अदालत ने अभियुक्त को पांच वर्ष के कठोर कारावास और 36 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है. भोजपुर थाना इलाके के मनकुआ मकसूदपुर के रहने वाले वाजिद हुसैन पर अपनी पत्नी के साथ मारपीट करके, पत्नी पर तेजाब से हमला करने और एक साथ तीन तलाक बोलकर घर से निकालने का जुर्म साबित हुआ है.
प्रभावी पैरवी के बाद यह फैसला
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे ‘कन्विक्शन अभियान’ के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुरादाबाद के निर्देशन में अभियोजन पक्ष और थाना भोजपुर के पैरोकार द्वारा अदालत में की गई प्रभावी पैरवी के बाद यह फैसला आया है.
अदालत ने आरोपी को तीन तलाक के जुर्म में तीन वर्ष और तेजाब फेंकने व मारपीट के जुर्म में पांच वर्ष की सजा सुनाई है. दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी. इसके अतिरिक्त, कोर्ट ने यह भी विशेष आदेश जारी किया है कि अभियुक्त द्वारा अर्थदंड की कुल 36 हजार रुपये राशि जमा किए जाने पर उसकी 50 प्रतिशत राशि पीड़ित महिला को राहत के रूप में प्रदान की जाएगी.
जुलाई 2021 का है ये पूरा मामला
पाकबड़ा थाना क्षेत्र निवासी सायबा बी का विवाह लगभग सात वर्ष पूर्व वाजिद हुसैन से हुआ था. संतान न होने पर पति दूसरी शादी करना चाहता था और ससुराल वाले उसे ताने देते थे. 4 जुलाई 2021 की सुबह वाजिद ने सायबा के साथ मारपीट कर उस पर तेजाब फेंका और तीन बार तलाक बोलकर घर से निकाल दिया था.
पीड़िता की तहरीर पर 7 जुलाई 2021 को भोजपुर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। विवेचक उपनिरीक्षक विमला त्रिलोक ने जांच पूरी कर 5 फरवरी 2022 को वाजिद के खिलाफ धारा 323. 326बी और 3/4 मुस्लिम महिला अधिनियम में चार्जशीट दाखिल की गई थी. सुनवाई के दौरान 13 में से 6 गवाहों ने अभियोजन के पक्ष में गवाही दी. जिसके आधार पर कोर्ट ने यह सजा सुनाई गई है.