मुरादाबाद में बंदरों के आतंक से मिलेगी राहत : नगर निगम ने बनाई 4 विशेष टीमें, जंगलों में छोड़े जाएंगे बंदर

मुरादाबाद में बंदरों के आतंक से मिलेगी राहत : नगर निगम ने बनाई 4 विशेष टीमें, जंगलों में छोड़े जाएंगे बंदर

मुरादाबाद, अमृत विचार। शहरवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। मुरादाबाद में लंबे समय से चले आ रहे बंदरों के बढ़ते आतंक और उत्पात से निपटने के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। इस समस्या से स्थायी निजात दिलाने के लिए पूरे शहर को चार अलगअलग जोन में बांटा गया है और प्रत्येक जोन के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है।

टास्क फोर्स की निगरानी में वन विभाग के साथ चलेगा अभियान
यह विशेष अभियान जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित ‘जिला टास्क फोर्स’ के तहत चलाया जाएगा।

नगर निगम की भूमिका: अभियान के लिए आवश्यक सभी संसाधन जैसे जाल, पिंजरे और रस्सी आदि नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे।

वन विभाग की भूमिका: वन विभाग के विशेषज्ञ बंदरों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने और उन्हें शहर से दूर चिह्नित वन क्षेत्रों में छोड़ने में अपनी तकनीकी सहायता प्रदान करेंगे।

चार जोन में बंटा शहर, इन अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
बंदरों के सबसे ज्यादा उत्पात वाले स्थानों की पहचान कर वहां प्रभावी कार्रवाई करने के लिए 4 टीमें बनाई गई हैं:

दिल्ली रोड क्षेत्र : इस टीम का नेतृत्व अपर नगर आयुक्त द्वितीय आशुतोष कुमार राय कर रहे हैं। उनके साथ सहायक नगर आयुक्त विशाल सिंह यादव, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक आबिद अली, सुशील कुमार और उमाकांत शामिल हैं।

टाउनहॉल क्षेत्र : इस क्षेत्र में वरिष्ठ प्रभारी सुनील कुमार के नेतृत्व में टीम काम करेगी। इसमें प्रभारी सुरेंद्र कुमार, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक पवन कुमार और प्रदीप कुमार शामिल हैं।

कांठ रोड क्षेत्र : इस जोन की कमान अपर नगर आयुक्त तृतीय अजीत कुमार सिंह संभालेंगे। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। टीम में सहायक नगर आयुक्त रामवीर सिंह, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक पवन कुमार, मुकेश कुमार, उमाकांत और प्रदीप कुमार शामिल हैं।

गुलाबबाड़ी क्षेत्र : इस क्षेत्र के लिए गठित टीम में प्रभारी आबिद अली, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक सुनील कुमार, सुरेंद्र कुमार और प्रदीप कुमार को 17 वार्डों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

“शहर में बंदरों के आतंक वाले स्थानों को विशेष रूप से चिह्नित कर वहां सघन अभियान चलाया जाएगा। नगर निगम सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराएगा और वन विभाग के सहयोग से पकड़े गए बंदरों को सुरक्षित वन क्षेत्रों में छोड़ा जाएगा। इस पहल से शहरवासियों को बंदरों के उत्पात से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।” दिव्यांशु पटेल, नगर आयुक्त, मुरादाबाद।

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