मैंने मौलवी से कहा हिंदुओं को तुम सिखाओगे गोमाता की पूजा कैसे करनी है? जानें ऐसा क्यों बोले सीएम योगी

मैंने मौलवी से कहा हिंदुओं को तुम सिखाओगे गोमाता की पूजा कैसे करनी है? जानें ऐसा क्यों बोले सीएम योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे. वो महंत परमहंस रामचंद्र दास के पुण्य स्मृति महामहोत्सव में शामिल हुए. इस दौरान अपने संबोधन में उन्होंने तमाम मुद्दों पर बात की. इसी कड़ी में गाय की रक्षा और पूजा के मुद्दे का जिक्र करते हुए कुछ मौलवियों के ज्ञापन का जिक्र किया. सीएम ने कहा,आपने पिछले दिनों देखा होगा, कुछ मौलवी ज्ञापन देने के लिए जगहजगह आ रहे थे. उनमें से एक ज्ञापन मेरे पास भी पहुंच गया. उसमें था कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए क्योंकि बहुत सारी यात्राएं निकलने लगी हैं.

सीएम ने कहा, मैं भौचक्का था कि ज्ञापन देने वाला व्यक्ति पशुवत है. गाय हमारी माता है. गाय को भारत की धरोहर के रूप में संजोना चाहिए. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। घरों में गोपालन का काम करना चाहिए. मैं तो करता हूं. अपने आश्रम में भी करता हूं और बतौर सीएम गोशालाओं के जरिए उनके संरक्षण का काम करवा रहा हूं.फिर मैंने उन मौलवियों में कुछ को फोन किया.

मैंने उनसे पूछा आपने पशु क्यों कहा?

योगी ने कहा, मैंने उनसे पूछा कि एक बात बताओ ये तो हमारी धरोहर है, आपने पशु क्यों कहा? यही पशु शब्द अगर तुम्हारे लिए इस्तेमाल करूं तो तुम्हें कैसा लगेगा. इस पर उन्होंने कहा कि गलती हो गई. तब मैंने कहा कि ये गलती है कि शरारत. मैंने कहा कि तुम सिखाओगे कि हमें गोमाता की रक्षा कैसे करनी है. हमारे यहां तो पहला ग्रास गोमाता को निकाला जाता है और आखिरी स्वान का होता है. मैंने कहा, कि ये उपदेश अपनी कौम को देते. ताकि गोतस्करी और गोहत्या बंद कर देते तो हमारी पुलिस जो वहां लगी है, उसे दूसरी जगह लगा देते.

मैंने उन मौलवियों से कहा हम हिंदुओं को तुम सिखाओगे कि गोमाता की पूजा कैसे करनी है? pic.twitter.com/FzdpUJKoNF

— Yogi Adityanath August 14, 2026

हम बंटे थे, इसीलिए तो कटे थे

सीएम योगी ने कहा, ये देश गुलाम क्यों हुआ? आज से 500 साल पहले आज का जो संभल है, वहां हरिहर मंदिर को तोड़कर गुलामी का एक ढांचा खड़ा कर दिया गया. अगर एकजुट होकर तभी उसका विरोध हुआ होता तो अयोध्या में वैसी घटना दोहराने का दुस्साहस कोई नहीं करता. सनातनधर्मी बंटे थे. ऐसा नहीं कि उनके पास बलबुद्धि नहीं थी, सब कुछ था बस एकता नहीं थी. एक साथ चलने की कमी थी. हम बंटे थे इसीलिए कटे थे. बारबार यही सवाल खड़ा होता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *