मैन ऑफ द मैच लेते हुए कुलदीप यादव का टीम से नजरअंदाज होने पर फूटा गुस्सा, कहा “मुझे ये अवार्ड लेना अजीब लग रहा…​

मैन ऑफ द मैच लेते हुए कुलदीप यादव का टीम से नजरअंदाज होने पर फूटा गुस्सा, कहा “मुझे ये अवार्ड लेना अजीब लग रहा…​

Kuldeep Yadav: भारत और वेस्टइंडीज के बीच आज तिरुवनंतपुरम में 3 मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला खेला गया, जहां टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने कुलदीप यादव की फिरकी की वजह से 400 रनों के स्कोर की तरफ बढ़ रही वेस्टइंडीज को पहले 295 रनों पर रोका और फिर विराट कोहली एवं शुभमन गिल की शतक की बदौलत 8 विकेट से अपने नाम किया.

वेस्टइंडीज के दोनों ओपनर बल्लेबाजों ने काफी तेजी से रन बनाए, लेकिन जब कुलदीप यादव गेंदबाजी आक्रमण पर आए तो उन्होंने भारत को पहली सफलता दिलाई और 20वें ओवर में 135 रनों पर वेस्टइंडीज का पहला विकेट झटका, वहीं अपने 10 ओवरों में कुलदीप यादव ने 40 रन देकर 4 विकेट झटके. इसी वजह से उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चूका गया.

Kuldeep Yadav ने प्लेयर ऑफ द मैच बनने पर कही ये बात

कुलदीप यादव ने कहा कि उन्हें शुभमन गिल और विराट कोहली की बैटिंग सबसे ज्यादा पसंद आई. उन्होंने बताया,

“मैं वास्तव में शुभमन और विराट भाई की बैटिंग को बहुत पसंद करता था. यह उनके लिए खास पारी थी. विराट भाई जिस तरह से बल्लेबाजी कर रहे थे, वह अद्भुत थी. उनकी शानदार पारी देखकर “मैन ऑफ द मैच” अवॉर्ड लेना थोड़ा अजीब सा लग रहा है.”

वहीं अपनी धारदार गेंदबाजी के बारे में बात करते हुए कुलदीप यादव ने कहा कि

“ईमानदारी से कहूं तो मुझे अपनी लय बहुत अच्छी लगी. मैं अपनी लय में बहुत शांत था और जो भी गेंदबाजी करनी थी, वही कर रहा था. सिर्फ पेस में बदलाव और विविधताएं शानदार थीं. बल्लेबाजों को पढ़ना कि वे कहां मारने वाले हैं, यह सब बहुत अच्छा लगा. लय में रहना बहुत अच्छा अनुभव था.”

टीम इंडिया से लगातार नजरअंदाज होने पर भी फूटा Kuldeep Yadav का गुस्सा

कुलदीप यादव को पिछले कुछ समय से लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसे लेकर उन्होंने कहा कि

“जब आप अपनी गेंदबाजी का आनंद लेते हैं तो सबसे अच्छा प्रदर्शन आता है. जब आप थोड़े रिलैक्स्ड भी होते हैं, तब प्रदर्शन चरम पर होता है. कभीकभी आत्मविश्वास वापस पाने के लिए ऐसी गेंदबाजी स्पेल जरूरी होती है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है. मैं अभी भी मानता हूं कि स्पिनर के रूप में बहुत सुधार की गुंजाइश है. लय और फ्लो सबसे महत्वपूर्ण है. जब आप सहज और अच्छी लय में होते हैं तो सब कुछ अच्छा लगता है. मैं इसी लय के साथ आगे बढ़ूंगा. किसी भी फॉर्मेट में लय और फ्लो में सहज महसूस करना जरूरी है.”

कुलदीप यादव ने फुटबॉल के प्रति अपने प्रेम का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि

“मै बचपन से फुटबॉल देखते आ रहा हूँ और लाइव मैच भी देखता हूँ.”

अपनी टीम के बारे में उन्होंने कहा कि

“लीग में वे नंबर वन पर हैं और प्लेइंग स्टाइल भी अच्छी है. सबसे जरूरी है फुटबॉल का आनंद लेना.”

 

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