यूपी चुनाव से पहले BJP की मथुरा में चिंतन बैठक, जमीनी फीडबैक पर होगा मंथन​

यूपी चुनाव से पहले BJP की मथुरा में चिंतन बैठक, जमीनी फीडबैक पर होगा मंथन​

उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर बीजेपी अभी पूरी तरह से चुनावी मोड में आ चुकी है. इसी कड़ी में पार्टी 3 और 4 अक्टूबर को मथुरा में दो दिवसीय चिंतन बैठक करेगी. बैठक में चुनावी तैयारियों के साथ संगठन की स्थिति और जमीनी फीडबैक पर मंथन होगा. मथुरा बैठक की रूपरेखा तय करने के लिए बीजेपी संगठन प्रभारी विनोद तावड़े और सभी सह प्रभारी 1 अक्टूबर को लखनऊ पहुंचेंगे. लखनऊ में इनकी बैठक सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ के साथ होगी, साथ ही प्रदेश अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों के साथ मीटिंग करेंगे.

मथुरा में होने वाली बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत प्रदेश और केंद्र के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. पार्टी ब्रज क्षेत्र के साथ पूरे प्रदेश की संगठनात्मक और चुनावी स्थिति की समीक्षा करेगी.

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, मथुरा में बैठक का होना भी रणनीतिक कदम हो सकता है. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद आगामी विधानसभा चुनाव पहला ऐसा चुनाव होगा, जिसमें राम मंदिर निर्माण का मुद्दा नहीं होगा. लिहाजा अब फोकस अयोध्या से आगे निकलकर मथुरा और ब्रज क्षेत्र पर केंद्रित किया जा सकता है.

मथुरावृंदावन क्यों है बीजेपी के लिए खास?

यहां ये भी जानना जरूरी है कि बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन का पहला दौरा मथुरा और वृंदावन हुआ था. यहां तक कि प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पंकज चौधरी ने भी पिछले साल दिसंबर में मथुरा का दौरा किया था. हाल में ही कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मथुरा का दौरा और प्रवास किया, जहां योगी आदित्यनाथ ने बयान दिया कि अयोध्या और काशी की तरह अब मथुरा और वृंदावन का भी भव्य विकास किया जाएगा और विरासत का सम्मान होगा.

इसके अलावा बीजेपी की मातृसंगठन संगठन आरएसएस की भी इसी साल जनवरी में तीन दिवसीय बैठक आयोजित की गई थी, जहां अलगअलग कार्यक्रमों में यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ और गृहमंत्री अमित शाह शामिल हुए थे. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इस बैठक से पहले अक्टूबर 2024 में अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक यानी ‘दिवाली बैठक’ मथुरा में हुआ था. पार्टी के जानकारों का मानना है कि अयोध्या में चंदा चोरी विवाद के बाद पार्टी अब मथुरा में बैठक कर ये संदेश देना चाहती है कि वैचारिकी रूप से अपने कोर एजेंडा अयोध्या, काशी और मथुरा के प्रति उतनी ही सजग है.

पिछले चुनावों में जीत के आंकड़ों में आई गिरावट

हमेशा से ब्रज क्षेत्र बीजेपी के लिए चुनावी तौर पर महत्वपूर्ण रहा है, लेकिन विगत दो लोकसभा चुनाव और दोनों विधानसभा चुनावों में जीत का आंकड़ा में गिरावट दर्ज हुई थी. 2019 लोकसभा चुनाव में 13 में से 12 सीटें जीती थीं, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 8 रह गया. इसी तरह 2017 विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 65 में से 57 सीटें जीती थीं, जो 2022 में घटकर 53 रह गईं.

मिली जानकारी के मुताबिक, बैठक में बूथ से लेकर शक्ति केंद्र, मंडल और जिला स्तर तक संगठन की स्थिति, कार्यकर्ताओं से मिले फीडबैक और आगामी चुनाव के लिए संगठन को मजबूत करने के उपायों पर भी चर्चा होने की संभावना है. मथुरा में होने वाली यह बैठक बीजेपी की 2027 चुनावी तैयारियों में संगठन और रणनीति को एक साथ साधने की कवायद के तौर पर देखी जा रही है.

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